दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली-एनसीआर के सबसे कुख्यात और ख़तरनाक गैंगस्टरों में शामिल हरसिमरन उर्फ़ बादल उर्फ़ सिमरन (38) को एक अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन के बाद बैंकॉक से डिपोर्ट होते ही गिरफ्तार कर लिया। फर्जी पहचान पर विदेश भागने, गवाहों को धमकाने और विदेश से गैंग ऑपरेट करने की कोशिश में जुटा यह आरोपी 26 नवंबर को भारत लाया गया, जहां दिल्ली एयरपोर्ट पर ही पुलिस ने उसे दबोच लिया। इस कार्रवाई में भारत की केंद्रीय एजेंसियों और थाईलैंड की स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों ने अहम भूमिका निभाई।
पुलिस के अनुसार हरसिमरन ने ‘राजेश सिंह’ नाम के फर्जी ID पर पासपोर्ट बनवाया और जनवरी 2025 में लखनऊ से बैंकॉक के लिए उड़ान भरी। इसके बाद वह दुबई, अज़रबैजान, रूस और बेलारूस बॉर्डर तक घूमता रहा, ताकि अमेरिका या यूरोप में बसकर वहीं से अपना गैंग चलाए, लेकिन हर बार उसकी कोशिश नाकाम हुई और कई बार उसे वापस लौटना पड़ा।
विदेश मंत्रालय ने उसका पासपोर्ट रद्द किया और बैंकॉक में उसकी लोकेशन की पुष्टि होने के बाद थाईलैंड की एजेंसियों ने उसे डिटेन कर लिया। बाद में उसे भारत डिपोर्ट कर दिया गया। हरसिमरन के खिलाफ 23 आपराधिक केस दर्ज हैं, जिनमें हत्या, हत्या की कोशिश, रंगदारी और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। जमानत पर बाहर आने के बाद वह 14 मामलों में कोर्ट में पेश ही नहीं हुआ।
पिछले साल नवंबर में हथियारों के साथ पकड़े गए अपराधी महेंद्र सिंह से पूछताछ में उसका नाम दोबारा सामने आया, जिसके बाद स्पेशल सेल ने उसकी तलाश तेज़ कर दी। विदेश में रहते हुए उसने दिल्ली के गवाहों को धमकाया, बयान बदलने का दबाव बनाया और 50 लाख रुपये तक की रंगदारी मांगी, जिस पर नया मामला दर्ज किया गया और उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी हुआ।
38 वर्षीय हरसिमरन उर्फ़ बादल मूल रूप से दिल्ली के शालीमार बाग का रहने वाला है। बचपन में वह कई अखाड़ों में कुश्ती करता था, लेकिन इसी दौरान वह स्थानीय बदमाशों के संपर्क में आया और धीरे-धीरे अपराध की दुनिया में उतर गया। बाद में उसने अपना खुद का गैंग बनाया और रंगदारी के लिए गोली चलाने तक से नहीं हिचकता था।
जेल में उसकी मुलाकात कई बड़े गैंगस्टरों से हुई, जहां से उसे विदेश में बसकर गैंग चलाने का आइडिया मिला। इसी मकसद से वह बैंकॉक से दुबई, अज़रबैजान, रूस और बेलारूस बॉर्डर तक जाता रहा, लेकिन हर बार पकड़ा गया या डिपोर्ट किया गया। आख़िरकार बैंकॉक में उसे दबोच लिया गया।
स्पेशल सेल आरोपी से पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसके नेटवर्क में कौन-कौन शामिल हैं, फर्जी पासपोर्ट किसने बनवाया, दिल्ली, यूपी और विदेशों में उसके संपर्क कौन हैं, और विदेश से वह किन लोगों को निर्देश दे रहा था। गिरफ्तारी के साथ ही दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे मोस्ट-वॉन्टेड अपराधी को पकड़ लिया है, जो भारत से भागकर अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क बनाकर बड़े स्तर पर गैंगस्टर ऑपरेशन चलाने की कोशिश कर रहा था।
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