जर्मन एयरलाइन लुफ्थांसा का बड़ा फैसला, अक्टूबर तक 20,000 उड़ानें रद्द

जर्मन एयरलाइन लुफ्थांसा का बड़ा फैसला, अक्टूबर तक 20,000 उड़ानें रद्द

German airline Lufthansa takes a major decision, cancelling 20,000 flights until October

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भयावह युद्ध और तेल पर पड़ते दबाव का असर यूरोप पर साफ तौर पर दिखने लगा है। जर्मनी की प्रमुख एयरलाइन लुफ्थांसा ने बढ़ती जेट फ्यूल कीमतों के दबाव में अक्टूबर तक लगभग 20,000 उड़ानों को रद्द करने का फैसला किया है। कंपनी के इस निर्णय से उसके ग्रीष्मकालीन ऑपरेशन पर असर पड़ेगा और कुल क्षमता में करीब 1 प्रतिशत की कमी आने का अनुमान है।

एयरलाइन के अनुसार, हालिया भू-राजनीतिक तनाव, खासकर अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान युद्ध के बाद जेट फ्यूल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। इसी कारण लागत कम करने के उद्देश्य से उड़ानों में कटौती का फैसला लिया गया है। कंपनी का कहना है कि इस कदम से करीब 40,000 मीट्रिक टन जेट फ्यूल की बचत होगी।

लुफ्थांसा ग्रुप ने स्पष्ट किया है कि ज्यादातर कटौती छोटी दूरी की उड़ानों में की जाएगी, खासकर उन रूट्स पर जहां मुनाफा कम हो रहा था। इसके अलावा कंपनी अपने यूरोपीय नेटवर्क को पुनर्गठित कर रही है, जिसमें फ्रैंकफर्ट, म्यूनिख, ज्यूरिख, वियना, ब्रुसेल्स और रोम जैसे प्रमुख गंतव्यों को शामिल किया गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, लुफ्थांसा का यह कदम वैश्विक एविएशन सेक्टर में एक व्यापक ट्रेंड का हिस्सा है। केएलएम, एयर कनाडा, सिंगापुर एयरलाइंस और यूनाइटेड एयरलाइंस जैसी अन्य बड़ी एयरलाइंस ने भी बढ़ती ईंधन लागत के चलते अपनी ग्रीष्मकालीन उड़ानों में कटौती की है।

खाड़ी देशों में बनी युद्ध स्थिती और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आपूर्ति के ठप्प होने से जेट फ्यूल की कीमतों में लगातार होने वाली वृद्धि और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण एयरलाइंस को लागत नियंत्रण के लिए इस तरह के फैसले लेने पड़ रहे हैं। इसका असर यात्रियों पर भी पड़ने जा रहा है, क्योंकि उड़ानों की संख्या घटने के साथ ही किराए में बढ़ोतरी होना भी निश्चित बताया जा रहा है।

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