राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने योग किया, आंगनबाड़ी बनें गर्भ संस्कार केंद्र!

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने रविवार को जनभवन, लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मातृशक्ति के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने योग किया, आंगनबाड़ी बनें गर्भ संस्कार केंद्र!

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12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जन भवन में मातृशक्ति के साथ सामूहिक योगाभ्यास कर योग को केवल एक दिवस का उत्सव नहीं, बल्कि जीवनशैली और संस्कार के रूप में अपनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को ‘गर्भ संस्कार केंद्र’ के रूप में विकसित करने के निर्देश देते हुए कहा कि स्वस्थ, समर्थ और विकसित भारत के निर्माण में योग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने रविवार को जनभवन, लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मातृशक्ति के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को नकारात्मकता से रचनात्मकता तथा प्रमाद से प्रसाद की अवस्था तक पहुंचाने का माध्यम है, इसलिए इसे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाया जाना चाहिए। जन भवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोलकाता से प्रसारित संबोधन और योग सत्र का सजीव प्रसारण भी किया गया, जिसे बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने देखा और सुना।

वहीं, जनभवन आदर्श माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित अलग कार्यक्रम में जन भवन में कार्यरत पुरुष अधिकारियों, कर्मचारियों तथा विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने योगाभ्यास किया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस ने योग को वैश्विक पहचान दिलाई है। कभी ऋषि-मुनियों और साधु-संतों तक सीमित रहने वाला योग आज करोड़ों लोगों की जीवनशैली का हिस्सा बन चुका है। बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी इसके महत्व को समझ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियों में अपने स्वास्थ्य की उपेक्षा कर देती हैं, इसलिए उन्हें प्रतिदिन योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस वर्ष योग दिवस की थीम ‘योगा फॉर हेल्दी एजिंग’ है, जो स्वस्थ और सक्रिय वृद्धावस्था का संदेश देती है। यदि बुजुर्ग अवस्था में भी गुणवत्तापूर्ण जीवन जीना है तो योग को अपनाना आवश्यक है। साथ ही बच्चों में बढ़ते मोटापे पर चिंता जताते हुए उन्होंने पौष्टिक आहार और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

राज्यपाल ने महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश दिया कि प्रदेश की प्रत्येक आंगनबाड़ी को ‘गर्भ संस्कार केंद्र’ के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के नौ माह के दौरान उचित पोषण, सकारात्मक वातावरण, स्वास्थ्य संबंधी जानकारी तथा संस्कारों से जुड़े मार्गदर्शन की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से इस दिशा में व्यापक पहल करने की आवश्यकता जताई।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य ही जीवन का वास्तविक धन है और इसी सोच के साथ जन भवन को स्वास्थ्य, योग, पर्यावरण, संस्कृति और जनकल्याण की अभिनव पहलों का केंद्र बनाया जा रहा है। यहां नियमित योगाभ्यास, व्यायाम और स्वास्थ्यवर्धक गतिविधियों के माध्यम से स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जन भवन में कार्यरत 636 अधिकारियों और कर्मचारियों का बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) परीक्षण किया जा चुका है और हर तीन माह में स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था की गई है।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बताया कि जन भवन में स्थापित ‘आनंदा फिजियोथेरेपी एवं उपचार केंद्र’ के माध्यम से अब तक 88 कार्मिकों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं। इसके अलावा नशामुक्त समाज और पर्यावरण संरक्षण के लिए साइकिल रैली, स्वास्थ्य शिविर, वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियानों का भी नियमित आयोजन किया जाता है।

उन्होंने कहा कि जन भवन में प्रतिवर्ष 19 से अधिक पारंपरिक खेलों का आयोजन होता है, जिनमें अधिकारी, कर्मचारी और उनके परिवारजन भाग लेते हैं। वहीं, भिक्षावृत्ति छोड़ चुके बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष खेल गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए परिसर में मियावाकी तकनीक से लगभग 12 हजार पौधे लगाए गए हैं।

राज्यपाल ने कहा कि जनभवन को शिक्षा, संस्कृति, पर्यावरण और भारतीय जीवन मूल्यों के समन्वय का प्रेरणादायी केंद्र बनाया जा रहा है। इसी क्रम में गंगोत्री से गंगासागर तक की यात्रा की प्रतिकृति तथा भगवान शिव के डमरू की अवधारणा पर आधारित म्यूजिकल फाउंटेन विकसित किया जा रहा है। पंचतंत्र परिसर का भी आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जहां बच्चों को भारतीय ज्ञान परंपरा से परिचित कराने की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाला माध्यम है। जहां योग है वहां स्वास्थ्य है, जहां स्वास्थ्य है वहां प्रसन्नता है और जहां प्रसन्नता है वहीं जीवन की सच्ची समृद्धि है। इसलिए योग को कार्यक्रम नहीं बल्कि संस्कार बनाकर स्वस्थ एवं विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लेना चाहिए।

कार्यक्रम में प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने भी योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज विश्व के 180 से अधिक देश इसे उत्साहपूर्वक मना रहे हैं।

उन्होंने लोगों से वर्ष के सभी 365 दिनों तक नियमित योगाभ्यास करने का आह्वान किया। जनभवन में आयोजित कार्यक्रम में भारतीय सेना के अधिकारियों एवं पूर्व सैनिकों की पत्नियों, लायंस क्लब, इनर व्हील, रेड क्रॉस, ब्रह्माकुमारी, आकांक्षा, आयुष महाविद्यालय, विभिन्न विश्वविद्यालयों तथा जन भवन में निवासरत एवं कार्यरत महिलाओं सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
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