केंद्र सरकार ने स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब सोलर और पवन ऊर्जा से जुड़े कई उत्पादों पर जीएसटी (GST) घटाकर 12% से 5% कर दिया गया है। इससे न केवल सोलर सिस्टम, बल्कि सोलर कुकर, लालटेन, वॉटर हीटर, फोटोवोल्टाइक सेल, सोलर पावर जेनरेटर, पवन चक्कियां, वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट, समुद्री लहरों से बिजली बनाने वाले उपकरण और हाइड्रोजन फ्यूल सेल से चलने वाली गाड़ियां भी सस्ती हो जाएंगी।
टैक्स कटौती का सीधा फायदा उपभोक्ताओं को मिलेगा। उदाहरण के लिए, यदि कोई ₹80,000 का सोलर सिस्टम लगवाता है तो पहले 12% टैक्स के कारण ₹9,600 अतिरिक्त देना पड़ता था और कुल खर्च ₹89,600 होता था। लेकिन अब 5% टैक्स लागू होने से सिर्फ ₹4,000 टैक्स लगेगा और कुल खर्च ₹84,000 होगा। यानी ग्राहकों को ₹5,600 की सीधी बचत होगी।
हालांकि कंपनियों के सामने इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर की चुनौती अब भी बनी रहेगी। इसका मतलब है कि तैयार माल पर टैक्स कम है लेकिन कच्चे माल पर ज्यादा टैक्स देना पड़ता है। इससे कंपनियों का पैसा सरकार के पास अटका रहता है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि इसके लिए रिफंड सिस्टम को और तेज किया जाएगा, ताकि उद्योगों को वित्तीय बोझ कम हो।
सरकार ने जीएसटी ढांचे को भी सरल बनाया है। पहले 5%, 12%, 18% और 28% के चार टैक्स स्लैब थे, जिन्हें घटाकर अब सिर्फ दो – 5% और 18% – कर दिया गया है। रोजमर्रा की चीजें जैसे घी, बटर, साबुन, शैम्पू, टीवी और फ्रिज अब सस्ते हो सकते हैं। वहीं महंगे और लग्जरी सामान पर अलग से 40% टैक्स स्लैब लागू रहेगा।
यह कदम सिर्फ टैक्स राहत नहीं, बल्कि हर घर को बिजली बिल से बचत और स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करने की बड़ी कोशिश है। इससे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सोलर सिस्टम शहरों के साथ-साथ गांव-देहात में भी आसानी से अपनाए जाएंगे।
यह भी पढ़ें-
सोना 1.10 लाख पार, निवेशकों की दिवाली; कीमतों ने रचा इतिहास!



