हिमाचल प्रदेश में मानसून की व्यापक बारिश के बीच जनजीवन प्रभावित हुआ है। लगातार हो रही बारिश से कई जगह सड़कें बंद हैं, बिजली और पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। कुल्लू उपमंडल में खराब मौसम और ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए आज सभी शिक्षण संस्थान बंद रखे गए हैं। जनजातीय जिला किन्नौर में बारिश के बाद कई छोटे नालों में बाढ़ आई है। पूह उपमंडल के लियो नाले में बाढ़ आने से गांव को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग बंद हो गया और कुछ बागवानों के बगीचों में मलबा पहुंच गया। हालांकि जिले में किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की मंगलवार सुबह की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में भूस्खलन और बारिश के कारण 259 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा 161 बिजली ट्रांसफार्मर और 54 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं। मंडी जिले में सबसे अधिक 120 सड़कें बंद हैं। चंबा में 42, कुल्लू में 40, शिमला में 30 और सिरमौर में 15 सड़कें अवरुद्ध हैं। बिजली व्यवस्था की बात करें तो मंडी में 77, शिमला में 43 और कुल्लू में 40 ट्रांसफार्मर बंद हैं। पेयजल योजनाओं में शिमला की 33 और चंबा के भटियात क्षेत्र की 16 योजनाएं प्रभावित हैं।
बारिश के कारण मंडी-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग-21 पर झलोगी के पास शूटिंग स्टोन गिरने से सड़क भी अवरुद्ध हुई है। इससे इस मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ है। मंगलवार को शिमला समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश हो रही है और कई क्षेत्रों में मौसम खराब बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान चंबा के भटियात चौवारी में सबसे अधिक 95.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कांगड़ा के धर्मशाला में 74.1 मिलीमीटर, कुल्लू के बजौरा ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन में 67.5 मिलीमीटर और कांगड़ा के पालमपुर में 66.4 मिलीमीटर बारिश हुई। चंबा के जोत में 51 मिलीमीटर, मंडी के जोगिंदरनगर में 50 मिलीमीटर और पंडोह में 43.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कांगड़ा में 40.2 मिलीमीटर, हमीरपुर के सुजानपुर टीरा में 38.2 मिलीमीटर, शिमला के सराहन में 37.7 मिलीमीटर, कुल्लू के भुंतर में 37.4 मिलीमीटर और कांगड़ा के नगरोटा सूरियां में 37.2 मिलीमीटर बारिश हुई। भुंतर में गरज के साथ बिजली चमकने की घटना भी दर्ज की गई। किन्नौर के ताबो में 59 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चली।
किन्नौर में बीती रात से बारिश हो रही है। जिले के कई छोटे नालों में बारिश के बाद पानी का बहाव बढ़ा और बाढ़ की स्थिति बनी। पूह उपमंडल के लियो नाले में बाढ़ आने से गांव को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गया। नाले का मलबा कुछ बागवानों के बगीचों में भी पहुंच गया है। सतलुज नदी का जलस्तर भी बढ़ा है। हालांकि अभी तक किसी व्यक्ति के हताहत होने या संपत्ति को बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
कुल्लू उपमंडल में बारिश और खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने मंगलवार को सभी स्कूल और अन्य शिक्षण संस्थान बंद रखने का फैसला लिया है। यह फैसला मौसम विभाग की चेतावनी और ऑरेंज अलर्ट के बीच लिया गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी बारिश से राहत के संकेत नहीं दिए हैं। आज भारी से बहुत भारी बारिश कुछ स्थानों पर होने की संभावना जताई गई है। 12 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी है। 13 अगस्त को भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 14 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। 15 और 16 अगस्त को भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान है। 17 अगस्त को भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक इस दौरान मानसून की सक्रियता बनी रहेगी। ऐसे में भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़कों के बंद होने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और जोखिम वाले इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है।
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