2030 तक भारत का लक्ष्य 100 अरब डॉलर के कपड़ा निर्यात पर

FTA साझेदार देशों को निर्यात दोगुना करने की तैयारी में भारत

India aims for $100 billion in textile exports by 2030.

भारत सरकार ने वर्ष 2030 तक कपड़ा और परिधान निर्यात को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इसके लिए केंद्र सरकार ने एक विस्तृत रोडमैप तैयार करना शुरू कर दिया है, जिसका फोकस मुक्त व्यापार समझौता (FTA) वाले देशों को होने वाले निर्यात को मौजूदा स्तर से लगभग दोगुना करने पर होगा। वर्तमान में भारत का कपड़ा निर्यात करीब 40 अरब डॉलर के स्तर पर है।

आर्थिक मामलों से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार, भारत FTA साझेदार देशों के लिए कपड़ा निर्यात को बढ़ाने के साथ-साथ पारंपरिक और उच्च-मूल्य वाले सेगमेंट पर विशेष ध्यान देगा। इनमें रेशमी वस्त्र, हथकरघा उत्पाद, कालीन और भौगोलिक संकेतक (GI) टैग वाले उत्पाद शामिल हैं। इसके अलावा, सरकार का लक्ष्य उन जिलों को भी निर्यात प्रणाली से जोड़ना है, जो अब तक गैर-निर्यातक रहे हैं।

कपड़ा मंत्रालय, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के नेतृत्व में, FTA साझेदार देशों को भारत के कपड़ा निर्यात में हिस्सेदारी 5.8 प्रतिशत से बढ़ाकर करीब 12 प्रतिशत तक ले जाने की योजना पर काम कर रहा है। इसके साथ ही उच्च-मूल्य उत्पादों के लिए लक्षित ब्रांडिंग को भी मजबूत किया जाएगा।

सरकार की रणनीति केवल FTA देशों तक सीमित नहीं है। मंत्रालय का उद्देश्य शीर्ष 40 आयातक देशों के कुल आयात में भारत की हिस्सेदारी 4.8 प्रतिशत (28.3 अरब डॉलर) से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक ले जाना है, जो 55–60 अरब डॉलर के दायरे में होगा। वर्तमान में भारत के लगभग 55 प्रतिशत कपड़ा निर्यात पारंपरिक बाजार, जैसे अमेरिका, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन में जाते हैं, जबकि करीब 20 प्रतिशत निर्यात ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, बांग्लादेश, संयुक्त अरब अमीरात और श्रीलंका जैसे उभरते बाजारों में होता है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमें ऐसे उत्पादों के लिए बाजार से जुड़ाव के प्रयास बढ़ाने की जरूरत है, जिनमें मजबूत निर्यात क्षमता, सांस्कृतिक मूल्य और रोजगार सृजन की क्षमता हो।” रोडमैप के तहत राज्यों से अपेक्षा की जाएगी कि वे नए उत्पादों को बढ़ावा दें, नए जिलों को निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र में शामिल करें और पहली बार निर्यात करने वालों के लिए प्रशिक्षण और मार्गदर्शन पर जोर दें।

अधिकारी ने आगे बताया कि इस योजना के तहत सर्वश्रेष्ठ उत्पादों और बाजारों पर आधारित एक रणनीति विकसित की जाएगी। उन्होंने कहा, “भारत में 527 जिले ऐसे हैं जो कपड़ा और परिधान का निर्यात करते हैं। राज्यों से कहा जाएगा कि वे अपने क्लस्टरों को संभावित और मौजूदा निर्यात बाजारों के साथ मैप करें।”

वैश्विक कपड़ा व्यापार में 4.1 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ भारत दुनिया का छठा सबसे बड़ा कपड़ा निर्यातक है। उल्लेखनीय है कि ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ के बावजूद मोदी सरकार ने ब्रिटेन, यूएई, रूस, जापान और दक्षिण कोरिया सहित 40 देशों में विशेष आउटरीच पहल शुरू की हैं।

सरकार का मानना है कि उत्पाद विविधीकरण, नए बाजारों की पहचान और राज्यों व जिलों की सक्रिय भागीदारी के जरिए भारत न केवल अपने कपड़ा निर्यात को दोगुना कर सकता है, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अपनी स्थिति को भी मजबूत कर सकता है।

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