भारत-अमेरिका सिविल न्यूक्लियर ऊर्जा क्षेत्र में मिलकर करेंगे काम

भारत-अमेरिका सिविल न्यूक्लियर ऊर्जा क्षेत्र में मिलकर करेंगे काम

India and America will work together in the field of civil nuclear energy

भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने शनिवार (12 अप्रैल) को कहा कि वॉशिंगटन और नई दिल्ली व्यापार, रक्षा और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। फ्लोरिडा में विदेश सचिव विक्रम मिस्री के दौरे के दौरान मार-ए-लागो में हुई मुलाकात के बाद सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “आज रात मार-ए-लागो में विक्रम मिस्री का स्वागत करते हुए खुशी हुई। व्यापार, रक्षा और ऊर्जा सहित कई क्षेत्रों में भारत और अमेरिका आने वाले समय में साथ काम करने के लिए तैयार हैं।”

इस सप्ताह भारत और अमेरिका ने ऊर्जा, महत्वपूर्ण तकनीक और रक्षा क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत किया है, जिससे दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी उजागर होती है। तीन दिवसीय व्यस्त कार्यक्रम के अंतिम दिन ऊर्जा सहयोग प्रमुख मुद्दा रहा। इस दौरान विक्रम मिस्री ने अमेरिका के ऊर्जा सचिव क्रिस राइट से मुलाकात की।

भारतीय दूतावास के अनुसार, इस बैठक में ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने, द्विपक्षीय ऊर्जा व्यापार को मजबूत करने और भारत-अमेरिका ऊर्जा साझेदारी को आगे बढ़ाने के नए तरीकों पर चर्चा की गई।

सर्जियो गोर ने ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ते सहयोग का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में ‘शांति’ (SHANTI) विधेयक पारित होने के बाद सिविल न्यूक्लियर सहयोग के साथ-साथ कोयला गैसीफिकेशन और अमेरिकी एलपीजी निर्यात जैसे क्षेत्रों में भी काम करने के अवसर मिलेंगे।

‘शांति’ विधेयक को भारत के ऊर्जा क्षेत्र, खासकर सिविल न्यूक्लियर और स्वच्छ ऊर्जा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रस्तावित विधायी ढांचा माना जा रहा है। देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में यह अहम भूमिका निभा सकता है, और इसके लिए भारत अमेरिका जैसे देशों के साथ ऊर्जा साझेदारी को और मजबूत करना चाहता है।

ऊर्जा क्षेत्र के अलावा बातचीत के दौरान उभरती तकनीक और सप्लाई चेन पर भी जोर दिया गया। अमेरिका के वाणिज्य विभाग के अनुसार, अंडर सेक्रेटरी विलियम किम्मिट और विक्रम मिस्री के बीच महत्वपूर्ण और उभरती तकनीकों में सहयोग बढ़ाने, सुरक्षित सप्लाई चेन सुनिश्चित करने और एआई निर्यात के अवसरों पर चर्चा हुई।

विक्रम मिस्री ने अमेरिका के विदेश विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी क्रिस्टोफर लैंडाऊ से भी मुलाकात की और आने वाले वर्ष के लिए द्विपक्षीय एजेंडा की समीक्षा की, जिसमें व्यापार, तकनीक, रक्षा और ऊर्जा जैसे कई क्षेत्र शामिल थे। सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी और भारतीय सेनाएं दोनों देशों के रक्षा संबंधों को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी। उन्होंने रक्षा उपकरणों की बिक्री बढ़ाने और इंटरऑपरेबिलिटी को मजबूत करने पर भी जोर दिया।

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