29.7 C
Mumbai
Tuesday, October 20, 2026
होमदेश दुनिया“भारत दो महीने में ट्रंप से माफी मांगेगा”

“भारत दो महीने में ट्रंप से माफी मांगेगा”

Google News Follow

अमेरिका के कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लुटनिक ने शुक्रवार (5 सितंबर)को भारत की विदेश नीति और ऊर्जा रणनीति पर कड़ा हमला बोला। ब्लूमबर्ग से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि आने वाले “एक या दो महीने में भारत मेज पर बैठेगा और डोनाल्ड ट्रंप से माफी मांगकर नया सौदा करने की कोशिश करेगा।” लुटनिक ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध से पहले भारत अपने कुल आयात का 2% से भी कम तेल रूस से खरीदता था, लेकिन अब यह हिस्सेदारी 40% तक पहुंच चुकी है। उन्होंने टिप्पणी की, “तेल पर प्रतिबंध होने की वजह से रूस इसे बेहद सस्ते दामों में बेच रहा है और भारत ने तय कर लिया है कि सस्ता तेल खरीदकर पैसा कमाना है। यह गलत है और हास्यास्पद भी।”

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भारत को जल्द यह तय करना होगा कि वह किस खेमे में रहना चाहता है, रूस और ब्रिक्स के साथ या अमेरिका और डॉलर के साथ। उन्होंने चेतावनी दी,“अगर आप रूस और चीन के बीच का स्वर (BRICS में I) बनना चाहते हैं, तो जाइए। लेकिन अगर ऐसा किया तो अमेरिका 50% टैरिफ लगा देगा और देखेंगे यह कितना टिकता है,”

लुटनिक ने कहा कि भारत अब भी बाज़ार खोलने को तैयार नहीं है और यही उसकी कमजोरी है। उन्होंने कहा,“चीन हमें बेचता है, भारत भी हमें बेचता है। वे आपस में एक-दूसरे को नहीं बेच सकते। असल ग्राहक तो अमेरिका है, जिसकी 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था दुनिया का सबसे बड़ा उपभोक्ता है। आखिरकार सबको ग्राहक के पास ही लौटना पड़ता है, और ग्राहक हमेशा सही होता है।”

भारत ने कई बार साफ किया है कि उसकी ऊर्जा खरीद पूरी तरह राष्ट्रीय हित और बाज़ार की वास्तविकताओं से तय होती है। सरकार का कहना है कि सस्ते कच्चे तेल के विकल्प से भारतीय उपभोक्ताओं और अर्थव्यवस्था दोनों को राहत मिलती है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को लेकर संतुलित रुख दिखाया। उन्होंने कहा,“मैं हमेशा मोदीजी का दोस्त रहूंगा। वे महान प्रधानमंत्री हैं। भारत और अमेरिका का रिश्ता बेहद खास है, चिंता की कोई बात नहीं है। बस इस समय जो हो रहा है, वह मुझे पसंद नहीं।” ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका के बीच रिश्ते कभी नहीं टूटेंगे, भले ही “कभी-कभी कुछ मौके ऐसे आते हैं जब मतभेद उभरते हैं।”

लुटनिक का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत एक ओर रूसी तेल के सस्ते सौदे का फायदा उठा रहा है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका के साथ रणनीतिक साझेदारी को भी बनाए रखना चाहता है। अब देखना होगा कि क्या वास्तव में अगले दो महीनों में भारत वॉशिंगटन के साथ तालमेल बैठाने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाता है, या फिर अपने स्वतंत्र ऊर्जा और विदेश नीति रुख पर कायम रहता है।

यह भी पढ़ें:

खालिस्तानी आतंकी फंडिंग पर कनाडा ने पहली बार माना उनसे मिल रही मदद!

पीएम मोदी नहीं जाएंगे संयुक्त राष्ट्र महासभा, अमेरिका के साथ तनातनी है वजह ?

AI चैटबॉट को हिंदी सिखाने वालों 5,000 रुपये प्रति घंटा दे रही मार्क झुकरबर्ग की मेटा!

National Stock Exchange

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited
[td_block_social_counter open_in_new_window="y" style="style6 td-social-boxed" block_template_id="td_block_template_9" border_color="#fbd54a" f_header_font_size="26" f_header_font_weight="700" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXRvcCI6IjAiLCJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiMzAiLCJwYWRkaW5nLXRvcCI6IjAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn19" custom_title="हमें फॉलो करें" facebook="NewsDankaHindi" twitter="NewsDanka" youtube="channel/UCqtL0xCsgAmB3XXrh9nln2Q" manual_count_twitter="526" f_header_font_family="668"]

अन्य लेटेस्ट खबरें