भारत और न्यूजीलैंड के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर 27 अप्रैल को हस्ताक्षर किए जाएंगे। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने शुक्रवार (24 अप्रैल)को इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यह समझौता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई दिशा देगा।
यह समझौता मार्च 2025 में शुरू हुई बातचीत के बाद महज नौ महीनों में तैयार किया गया, जिसे भारत के सबसे तेज़ी से संपन्न व्यापार समझौतों में से एक माना जा रहा है। नरेंद्र मोदी और क्रिस्टोफर लक्सन ने इसे व्यापक, संतुलित और भविष्य उन्मुख करार दिया है।
We’ll sign our Free Trade Agreement with India on Monday. pic.twitter.com/PSB5YkwRon
— Christopher Luxon (@chrisluxonmp) April 24, 2026
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 5 अरब डॉलर तक पहुंचाना है। इसके तहत भारतीय उत्पादों को न्यूजीलैंड के बाजार में पूर्णतः शुल्क-मुक्त (टैरिफ-फ्री) पहुंच मिलेगी। वहीं, भारत न्यूजीलैंड के लगभग 95 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क समाप्त या कम करेगा।
समझौते के तहत न्यूजीलैंड से आने वाले उत्पादों में ऊन, कोयला, लकड़ी, वाइन, एवोकाडो और ब्लूबेरी जैसे सामान शामिल हैं। वहीं, भारत ने अपने घरेलू किसानों और उद्योगों के हितों को ध्यान में रखते हुए डेयरी उत्पाद जैसे दूध, क्रीम, दही, पनीर सहित प्याज, चीनी, मसाले, खाद्य तेल और रबर पर कोई शुल्क रियायत नहीं दी है।
इस समझौते से भारत में अगले 15 वर्षों में लगभग 20 अरब डॉलर के निवेश की संभावना जताई जा रही है। साथ ही, न्यूजीलैंड को भेड़ के मांस, ऊन, कोयला और वानिकी उत्पादों पर भी शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी।
शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी इस समझौते के तहत महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। भारतीय छात्रों के लिए न्यूजीलैंड में पढ़ाई के अवसरों पर कोई संख्यात्मक सीमा नहीं होगी। STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) के स्नातकों को तीन साल तक और पीएचडी धारकों को चार साल तक पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा मिलेगा।
इसके अलावा, 5,000 भारतीय पेशेवरों के लिए टेम्पररी एम्प्लॉयमेंट एंट्री वीजा की व्यवस्था की जाएगी, जिसमें आईटी, इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य, शिक्षा और निर्माण क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल होंगे। आयुष प्रैक्टिशनर, योग प्रशिक्षक, शेफ और संगीत शिक्षकों के लिए भी विशेष श्रेणियां बनाई गई हैं।
हर साल 1,000 वर्क एंड हॉलिडे वीजा भी जारी किए जाएंगे, जिससे दोनों देशों के बीच लोगों के आवागमन को बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह समझौता भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार, निवेश, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्रों में सहयोग को नई ऊंचाई पर ले जा सकता है।
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