एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने गुरुवार (12 फरवरी) को इतालवी मीडिया रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 दुर्घटना की जांच अभी जारी है और किसी भी तरह के अंतिम निष्कर्ष पर पहुँचना गलत और अटकलों पर आधारित है। ब्यूरो ने चेताया कि अपुष्ट रिपोर्टिंग से अनावश्यक सार्वजनिक चिंता पैदा हो सकती है और पेशेवर जांच की विश्वसनीयता को नुकसान पहुँच सकता है।
AAIB की यह प्रतिक्रिया इटली के दैनिक अख़बार Corriere della Sera की रिपोर्ट के बाद आई, जिसमें अज्ञात सूत्रों के हवाले से दावा किया गया था कि जांचकर्ताओं ने तकनीकी खराबी की संभावना को खारिज कर दिया है और दुर्घटना को जानबूझकर किया गया कृत्य माना जा रहा है। अख़बार ने यह भी कहा था कि अंतिम रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। भारतीय जांच एजेंसी ने इन दावों को स्पष्ट रूप से नकार दिया।
AAIB ने कहा कि जांच Aircraft (Investigation of Accidents and Incidents) Rules, 2025 तथा अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन ICAO के एनेक्स-13 के तहत सख्ती से की जा रही है, जो विमान दुर्घटना जांच के अंतरराष्ट्रीय मानकों को निर्धारित करता है। ब्यूरो ने कहा कि ऐसी जांचें तकनीकी और साक्ष्य-आधारित होती हैं, जिनका उद्देश्य मूल कारणों की पहचान कर विमानन सुरक्षा को बेहतर बनाना है, न कि समय से पहले किसी पर दोष मढ़ना।
एजेंसी ने याद दिलाया कि पहले जारी की गई प्रारंभिक रिपोर्ट में केवल उस चरण तक उपलब्ध तथ्यात्मक जानकारी शामिल थी। अंतिम जांच रिपोर्ट में निष्कर्ष और सुरक्षा संबंधी सिफारिशें होंगी। जांच पूरी होने के बाद ही, अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप, प्रकाशित की जाएगी। मीडिया संगठनों से संयम बरतने का आग्रह करते हुए AAIB ने कहा कि अपुष्ट दावे चल रही जांच की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकते हैं।
Corriere della Sera ने यह भी दावा किया था कि जून 2025 में हुई दुर्घटना में इंजन को ईंधन की आपूर्ति जानबूझकर बंद की गई थी, वहीं अमेरिकी विशेषज्ञ इन निष्कर्षों को एक बड़ी सफलता बताने में लगे थे। रिपोर्ट के अनुसार, टेक-ऑफ के तुरंत बाद ईंधन नियंत्रण स्विच “रन” से “कट-ऑफ” स्थिति में चले गए। हालांकि, AAIB ने स्पष्ट किया कि किसी भी निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि केवल अंतिम रिपोर्ट में ही होगी।
प्रारंभिक रिपोर्ट में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग का उल्लेख था, जिसमें एक पायलट दूसरे से पूछता है कि उसने ईंधन क्यों बंद किया, जबकि दूसरे पायलट का जवाब था कि उसने ऐसा नहीं किया। उस समय भी किसी पर जिम्मेदारी तय नहीं की गई थी।
एयर इंडिया द्वारा संचालित बोइंग 787 ड्रीमलाइनर जून 2025 में अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान मेडिकल छात्रों के हॉस्टल परिसर पर गिरा, हादसे में कुल 260 लोगों की मौत हुई। केवल एक यात्री जीवित बचा, जिससे यह भारत के सबसे घातक विमान हादसों में शामिल हो गया। AAIB ने दोहराया कि वह पारदर्शिता, प्रक्रियात्मक ईमानदारी और विमानन सुरक्षा के सर्वोच्च मानकों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अंतिम रिपोर्ट से पहले किसी भी अटकल को तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
