“यूएन द्वारा प्रतिबंधित आतंकियों को पनाह देने वाले अब खुद अपने लोगों पर बम बरसा रहे”

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भारत का पाकिस्तान पर करारा प्रहार

“यूएन द्वारा प्रतिबंधित आतंकियों को पनाह देने वाले अब खुद अपने लोगों पर बम बरसा रहे”

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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में भारत ने मंगलवार (23 सितंबर) को पाकिस्तान को कड़ा जवाब दिया। भारत के प्रतिनिधि क्षितिज त्यागी ने पड़ोसी देश पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पाकिस्तान बार-बार इस मंच का दुरुपयोग करता है और भारत के खिलाफ निराधार और भड़काऊ बयान देता है।

त्यागी ने पाकिस्तान की पोल खोलते हुए कहा, “एक ऐसा प्रतिनिधिमंडल जो इस मंच की भावना के ठीक विपरीत है, लगातार भारत के खिलाफ झूठे आरोप लगाता है। हमारी ज़मीन पर नज़रें गड़ाने के बजाय उन्हें अवैध कब्जा छोड़ा जाना चाहिए और अपनी जर्जर अर्थव्यवस्था, सेना के शिकंजे में जकड़ी राजनीति और अल्पसंख्यकों के दमन से दागदार मानवाधिकार रिकॉर्ड पर ध्यान देना चाहिए। शायद जब वे आतंकवाद निर्यात करने, यूएन द्वारा प्रतिबंधित आतंकियों को पनाह देने और अपने ही लोगों पर बम बरसाने से फुर्सत पाएंगे, तब इन मुद्दों पर गौर कर सकेंगे।”

भारत की यह प्रतिक्रिया पाकिस्तान वायुसेना (PAF) द्वारा खैबर पख्तूनख्वा के तिराह घाटी स्थित मत्रे दारा गांव पर किए गए कथित हवाई हमलों के बाद आई है। इन हमलों में कम से कम 30 नागरिकों की मौत हुई बताई जा रही है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रविवार तड़के (21 सितंबर) PAF ने JF-17 थंडर जेट्स से आठ LS-6 प्रिसिजन ग्लाइड बम गिराए, जिससे कई घर जमींदोज हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मलबे से शवों को बाहर निकाला गया। हालांकि,  पाकिस्तानी सेना ने इन रिपोर्टों को खारिज किया है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी पाकिस्तान की काउंटर-टेररिज्म ऑपरेशंस की आलोचना की थी और इन्हें नागरिकों की ज़िंदगी के प्रति गंभीर लापरवाही करार दिया था।

त्यागी का बयान UNHRC सत्र के एजेंडा आइटम 4 के तहत आया, जहां उन्होंने पाकिस्तान के मानवाधिकार उल्लंघनों और आतंकवाद को बढ़ावा देने की नीतियों की कड़ी आलोचना की। उनका जवाब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

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