सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स इस साल एआई चिप रिसर्च में करेगा 73.3 अरब डॉलर निवेश! 

दुनिया की सबसे बड़ी मेमोरी चिप बनाने वाली कंपनी ने एक नियामक फाइलिंग में इस योजना का खुलासा करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य एआई के बढ़ते उपयोग के बीच इस क्षेत्र में अपनी लीडरशिप मजबूत करना है।

सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स इस साल एआई चिप रिसर्च में करेगा 73.3 अरब डॉलर निवेश! 

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सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने गुरुवार को कहा कि वह इस साल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े सेमीकंडक्टर (चिप) के रिसर्च और विकास तथा सुविधाओं पर 110 ट्रिलियन वॉन (करीब 73.3 अरब डॉलर) से ज्यादा निवेश करेगी। कंपनी का लक्ष्य इस तेजी से बढ़ते और प्रतिस्पर्धी उद्योग में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखना है।

योनहाप न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया की सबसे बड़ी मेमोरी चिप बनाने वाली कंपनी ने एक नियामक फाइलिंग में इस योजना का खुलासा करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य एआई के बढ़ते उपयोग के बीच इस क्षेत्र में अपनी लीडरशिप मजबूत करना है।

यह निवेश पिछले साल के 90.4 ट्रिलियन वॉन के मुकाबले 21.7 प्रतिशत ज्यादा है और कंपनी के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा सालाना खर्च है। यह पहली बार है जब कंपनी का सालाना निवेश 100 ट्रिलियन वॉन से ज्यादा हो गया है।

कंपनी ने यह भी कहा कि वह रोबोटिक्स, मेडिकल टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल इलेक्ट्रॉनिक्स और एयर कंडीशनिंग जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण विलय और अधिग्रहण (एम एंड ए) के मौके तलाशेगी।

चिप की बढ़ती मांग को देखते हुए सैमसंग फिलहाल सियोल के दक्षिण में स्थित प्योंगटेक परिसर में अपने पी4 प्लांट में कामकाज को और बेहतर बनाने का काम कर रही है। इसके साथ ही, कंपनी अपने प्रस्तावित पी5 प्रोडक्शन लाइन के लिए जरूरी उपकरण लगाने का काम भी आगे बढ़ा रही है।

इसके अलावा, कंपनी सियोल के दक्षिण में योंगिन में अपने चिप क्लस्टर में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट भी बना रही है।
अमेरिका में भी सैमसंग टेक्सास के टेलर शहर में एक नई फैक्ट्री बना रही है और इस साल के अंत तक वहां उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

इसी बीच, कंपनी के यूनियन से जुड़े कर्मचारियों ने कहा है कि वे प्रदर्शन-आधारित बोनस को लेकर अगले हफ्ते प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। कर्मचारियों ने बोनस पर सीमा हटाने, 7 प्रतिशत वेतन बढ़ोतरी और बोनस गणना में पारदर्शिता की मांग की है।

यूनियन ने कहा कि 2026 के वेतन समझौते पर कई महीनों से बातचीत चल रही थी, लेकिन कोई सहमति नहीं बन पाई। प्रबंधन द्वारा उनकी मांगें न मानने के कारण अब कर्मचारियों ने आंदोलन का फैसला लिया है।

कर्मचारियों ने 23 अप्रैल को प्योंगटेक में प्रदर्शन करने और 21 मई से 7 जून तक हड़ताल करने की योजना भी बनाई है।

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