ईरान ने की आयतुल्ला अली खमेनेई के पुष्टी, 40 दिन का राष्ट्रिय शोक की घोषणा की

ईरान ने की आयतुल्ला अली खमेनेई के पुष्टी, 40 दिन का राष्ट्रिय शोक की घोषणा की

Iran declares 40 days of national mourning, Ayatollah Ali Khamenei confirms

ईरान ने रविवार (1मार्च)को आधिकारिक रूप से पुष्टि की कि सुप्रीम लीडर नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका-इजराइल के व्यापक हवाई हमलों में मौत हो गई। सरकार ने इस घटना को दशकों में ईरानी क्षेत्र पर हुआ सबसे बड़ा हमला बताते हुए 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है।

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, खामेनेई की मौत समन्वित हमलों के दौरान हुई, जिनमें देशभर के मिलिटरी नेतृत्व और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने पहले रॉयटर्स को बताया था कि हमले के बाद खामेनेई के तेहरान स्थित परिसर के मलबे से उनका शव बरामद किया गया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन ने इस अभियान में इजराइल के साथ मिलकर काम किया। उन्होंने कहा कि 1989 से ईरान का नेतृत्व कर रहे खामेनेई देश की सैन्य और रणनीतिक निर्णय-प्रक्रिया पर अंतिम अधिकार रखते थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खामेनेई की मौत की खबर के बाद ईरान के विभिन्न शहरों में लोग जश्न मना रहें है। तेहरान, करज और इस्फहान के कुछ हिस्सों में लोग सड़कों पर जश्न मनाते दिखे, जबकि सोशल मीडिया पर अन्य शहरों में भी इसी तरह के दृश्य सामने आए। वहीं रातभर हुई बमबारी के बाद कई इलाकों में दहशत का माहौल रहा।

ईरान ने इस सैन्य अभियान को उकसावे के बिना और अवैध करार देते हुए जवाबी कार्रवाई की घोषणा की। तेहरान ने इजराइल और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य अड्डों की मेजबानी करने वाले कम से कम सात देशों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इससे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है।

इसी बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि अभियान के दौरान खामेनेई का परिसर पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार, ईरान के रक्षा मंत्री अजीज नसीरजादेह और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर मोहम्मद पाकपुर भी मारे गए वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल हैं। इजरायली सेना ने दावा किया कि पांच अन्य कमांडर, जिनमें वरिष्ठ सलाहकार अली शमखानी भी शामिल हैं, हमलों में मारे गए। ईरानी मीडिया ने खामेनेई के परिवार के कुछ सदस्यों के हताहत होने की भी सूचना दी।

इजराइल ने कहा कि लगभग 200 लड़ाकू विमानों ने उसके इतिहास के सबसे बड़े हवाई अभियान को अंजाम दिया, जिसमें ईरान के करीब 500 ठिकानों को निशाना बनाया गया।

ट्रंप ने इन हमलों को ईरान से उत्पन्न दीर्घकालिक परमाणु खतरे को समाप्त करने की दिशा में निर्णायक कदम बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि भारी बमबारी तब तक जारी रहेगी जब तक आवश्यकता होगी, ताकि मध्य पूर्व में शांति सुनिश्चित की जा सके।

पेंटागन ने कहा कि ईरान की जवाबी कार्रवाई के बावजूद किसी भी अमेरिकी सैनिक की मौत या युद्ध-संबंधी चोट की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, ईरान ने सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन दागे। ईरान ने यह भी चेतावनी दी कि वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरने वाले महत्वपूर्ण जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया गया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में बड़े झटके की आशंका बढ़ गई है। मध्य पूर्व के कई देशों में एयरलाइंस ने सुरक्षा कारणों से उड़ानें रद्द कर दी हैं।

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