ईरान में अशांति का माहौल बढ़ा, तेहरान सहित  40 से अधिक शहरों में छिटपुट प्रदर्शन

ईरान में अशांति का माहौल बढ़ा, तेहरान सहित  40 से अधिक शहरों में छिटपुट प्रदर्शन

iran-protests-tehran-40-cities

ईरान में आर्थिक असंतोष से शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों ने अब व्यापक रूप ले लिया है। राजधानी तेहरान में शनिवार शाम को छिटपुट प्रदर्शन दर्ज किए गए, जबकि देश के पश्चिमी हिस्सों में झड़पें और हिंसा और तेज होने की खबरें सामने आई हैं। आधिकारिक बयानों और मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार एएफपी के आकलन के अनुसार, अब तक कम से कम 40 शहर इन प्रदर्शनों से प्रभावित हो चुके हैं और कम से कम 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें सुरक्षा बलों के सदस्य भी शामिल हैं।

प्रदर्शनों की शुरुआत पिछले रविवार (28 दिसंबर) को हुई थी, जब दुकानदारों ने आर्थिक समस्याओं के विरोध में हड़ताल की थी। धीरे-धीरे यह असंतोष केवल महंगाई और रोजगार जैसे मुद्दों तक सीमित न रहकर राजनीतिक मांगों में बदल गया। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने सरकार और शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी की।

ईरानी समाचार एजेंसी फ़ार्स के अनुसार, तेहरान में शनिवार (3 जनवरी) शाम हुए प्रदर्शन सीमित थे और इनमें आमतौर पर 50 से 200 युवाओं के समूह शामिल थे। लगभग एक करोड़ की आबादी वाले इस शहर में प्रदर्शन पूर्वी हिस्सों के नोवोबत और तेहरान पार्स, पश्चिमी इलाकों के एक्तेबान, सादेघियेह और सत्तारखान, तथा दक्षिणी क्षेत्रों के नाज़ीआबाद और अब्दोलाबाद में देखे गए।

फ़ार्स के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने “तानाशाह को मौत” जैसे नारे लगाए। हालांकि, राजधानी में किसी बड़े हिंसक घटनाक्रम की सूचना नहीं मिली। कुछ स्थानों पर पत्थरबाजी और कूड़ेदानों को आग लगाने जैसी घटनाएं दर्ज की गईं, लेकिन स्थिति अपेक्षाकृत नियंत्रण में बताई गई।

इसके विपरीत, देश के अन्य हिस्सों, विशेष रूप से पश्चिमी ईरान में हालात अधिक तनावपूर्ण बताए जा रहे हैं। फ़ार्स समाचार एजेंसी ने कहा कि तेहरान की स्थिति अन्य क्षेत्रों, खासकर देश के पश्चिम में हिंसा और संगठित हमलों में आई तेजी के मुकाबले अलग रही।

पश्चिमी ईरान के मालेकशाही काउंटी, जहां लगभग 20 हजार की आबादी है और बड़ी संख्या में कुर्द समुदाय के लोग रहते हैं, वहां झड़पों में एक सुरक्षा बल के सदस्य की मौत की पुष्टि हुई है। ईरानी मीडिया के अनुसार, उपद्रवियों ने एक पुलिस थाने पर धावा बोलने की कोशिश की, और इस दौरान दो हमलावर मारे गए।

स्थानीय मीडिया की रिपोर्टिंग को पूर्ण नहीं माना जा रहा है। राज्य संचालित माध्यमों ने प्रदर्शनों को अपेक्षाकृत कम कवरेज दी है, जबकि सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में वीडियो सामने आ रहे हैं, जिनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना कठिन बताया जा रहा है। इन परिस्थितियों में ईरान में जारी अस्थिरता को लेकर स्थिति लगातार बदलती हुई और संवेदनशील बनी हुई है।

यह भी पढ़ें:

वेनेजुएला संकट से बढ़ सकती है सुरक्षित निवेश की मांग, सोने-चांदी की कीमतों में आ सकती है तेजी!

‘अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन जरूरी’: मादुरो की गिरफ्तारी पर कीयर स्टारमर की प्रतिक्रिया

पश्चिम बंगाल: SIR के दौरान बांग्लादेशी अवैध मतदाता का खुलासा करने पर आदिवासी महिला BLO पर जूतों से हमला

Exit mobile version