दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के संयुक्त ऑपरेशन में देश के पाँच राज्यों से ISIS के स्लीपर मॉड्यूल से जुड़े पांच युवक गिरफ्तार किए गए हैं जो कथित तौर पर भारत में ‘गजवा-ए-हिंद’ नामक हिंसक अभियान के तहत केमिकल एवं फिदायीन हमलों को अंजाम देना चाहते थे। पुलिस के अनुसार, इस मॉड्यूल की प्लानिंग काफी पारदर्शी और खतरनाक थी टीम-5 नामक समूह ने बड़े-पैमाने पर IED, केमिकल हथियार और आत्मघाती हमलों की तैयारी कर रखी थी।
आरोपियों की पहचान दानिश (23, रांची), हुजैफा यमन (20, तेलंगाना), कामरान कुरैशी (25, मध्य प्रदेश), आफताब कुरैशी (25, महाराष्ट्र) और अबू सूफियान (20, महाराष्ट्र) के रूप में की गई है। पुलिस ने बताया कि दानिश को कथित मास्टरमाइंड माना जा रहा है। उसके रांची के किराए के कमरे से IED बनाने का सामान तथा केमिकल बरामद हुए हैं और वह IED टेस्टिंग के दौरान पहले भी घायल हो चुका था। आफताब और अबू सुफ़ियान को निज़ामुद्दीन स्टेशन से हथियारों के साथ पकड़ा गया है। दोनों मेवात से हथियार खरीदकर मुंबई ले जाने की साजिश में थे। हुजैफा यमन बर्थ फार्मा का छात्र बताया जा रहा है जो दानिश की हथियार-गोला बारूद तैयारी में मदद करता था। कामरान को राजगढ़ से गिरफ्तार किया गया।
DP Special Cell busted a PanIndia terror module and arrested five Muslîm terrorists identified as Danish, Abubakar Khan, Aaftab Ansari, Huzaifa Yaman and Kamran Qureshi
Large quantity of materials and precursors for making IED have been seized from them
pic.twitter.com/3YOonzemzQ— Boiled Anda (@AmitLeliSlayer) September 12, 2025
पुलिस के अनुसार, इन गिरफ्तारियों से मिले चैट लॉग और सबूतों में स्पष्ट हुआ कि समूह ने टारगेट किलिंग की योजना बनाई थी और कुछ दक्षिणपंथी नेताओं को निशाना बनाने की रचना चल रही थी। आत्मघाती हमलों के लिए सुसाइड जैकेट्स की तैयारी भी चल रही थी और कम से कम दो सदस्य फिदायीन बनने को तैयार पाए गए। नेटवर्क की भर्ती-रणनीति में वे स्वयं को एक कॉर्पोरेट ‘कंपनी’ के रूप में प्रस्तुत करते थे। सिंग्नल ऐप पर एक ‘एंट्रेंस इंटरव्यू’ नामक ग्रुप था जहाँ मास्टरमाइंड खुद को CEO बनाकर संपर्क कर रहा था।
आन्वेषिक निष्कर्षों के अनुसार, मॉड्यूल को पाकिस्तान स्थित हैंडलर से निर्देश और हवाला के जरिए फंडिंग मिल रही थी। शुरुआती छापेमारी में तीन पिस्टल, बड़ी संख्या में कारतूस, चार चाकू, तथा IED/केमिकल बनाने में प्रयुक्त हाइड्रोक्लोरिक एसिड, नाइट्रिक एसिड, सोडियम बाइकार्बोनेट, सल्फर पाउडर जैसे पदार्थ बरामद हुए हैं। इसके अलावा PH वैल्यू चेकर, बॉल-बेयरिंग्स, तराजू, बीकर सेट, सेफ्टी ग्लव्स, रेस्पिरेटरी मास्क और नकदी भी पुलिस को मिली। आरोपित फिलहाल 12-दिनी पुलिस रिमांड पर हैं और उनकी कड़ी पूछताछ जारी है।
सूत्रों ने बताया कि इस मॉड्यूल में अनुमानित 40 सदस्य हो सकते हैं, परन्तु आतंकी गतिविधियों के बारे में केवल कुछ को ही जानकारी दी गई थी। बेंगलुरु से पहले भी 11 संदिग्ध हिरासत में लिए गए थे जिनमें से 7 को सबूत न मिलने पर छोड़ दिया गया था। सुरक्षा एजेंसियां बाकी जुड़े लोगों की खोज में सक्रिय हैं और कहा जा रहा है कि गिरफ्तारियों ने बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है। यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज़ से गंभीर है एवं जांच-प्रक्रिया तथा कोर्ट के आदेशों के अंतर्गत आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।
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