पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुए भीषण आत्मघाती हमले के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका के दूतावास ने शुक्रवार (6 फरवरी) को अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। यह चेतावनी उस हमले के बाद आई है, जिसमें कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई और 169 अन्य घायल हो गए। यह हमला इस्लामाबाद के बाहरी इलाके तरलाई कलां में स्थित एक शिया मस्जिद में हुआ।
अमेरिकी दूतावास द्वारा जारी अलर्ट में पाकिस्तान में रह रहे या वहां यात्रा कर रहे अमेरिकी नागरिकों से अत्यधिक सतर्कता बरतने और बड़ी सार्वजनिक भीड़ वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की गई है। दूतावास ने नागरिकों को अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा, कम प्रोफाइल बनाए रखने, और हालात पर नजर रखने के लिए स्थानीय मीडिया की खबरें लगातार देखने की सलाह दी है।
अलर्ट में कहा गया है, “इस्लामाबाद के बाहरी इलाके तरलाई क्षेत्र में एक मस्जिद में आत्मघाती बम विस्फोट की खबरों के बाद, संयुक्त राज्य अमेरिका का दूतावास आपको पाकिस्तान में यात्रा करते समय सावधानियां बरतने की याद दिलाता है।” इसके साथ ही अमेरिकी नागरिकों से हमेशा वैध पहचान पत्र साथ रखने और आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग करने को भी कहा गया है।
इस घटना पर अमेरिकी दूतावास की चार्ज द’अफेयर्स नताली ए. बेकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भी बयान साझा किया। बयान में कहा गया, “संयुक्त राज्य अमेरिका इस्लामाबाद में आज हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता है, जिसमें निर्दोष उपासक मारे गए और घायल हुए। हम आतंक और हिंसा के सभी कृत्यों की निंदा करते हैं, जिसमें यह हमला भी शामिल है।”
उन्होंने आगे कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर से, मैं इस हमले में घायल हुए लोगों तथा मारे गए लोगों के परिवारों और प्रियजनों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करती हूं। नागरिकों और पूजा स्थलों के खिलाफ आतंक और हिंसा के कृत्य अस्वीकार्य हैं। पाकिस्तान के लोग सुरक्षा, गरिमा और बिना डर के अपने धर्म का पालन करने का अधिकार रखते हैं।”
पाकिस्तानी समाचार पत्र डॉन के अनुसार, विस्फोट इमामबाड़ा खदीजा-तुल-कुबरा में शुक्रवार (6 फरवरी) को हुआ। यह इलाका तरलाई क्षेत्र में स्थित है, जो इस्लामाबाद के बाहरी हिस्से में आता है। धमाके के समय मस्जिद में बड़ी संख्या में नमाजी मौजूद थे। पाकिस्तान के राज्यमंत्री (गृह) तलाल चौधरी ने इस्लामाबाद में मीडिया को बताया कि हमलावर अफगान नागरिक नहीं था, लेकिन फॉरेंसिक जांच के जरिए यह पता लगाया गया है कि वह कई बार अफगानिस्तान की यात्रा कर चुका था। बाद में इस्लामिक स्टेट (IS) ने इस हमले की जिम्मेदारी ले ली।
इस हमले के बाद इस्लामाबाद और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए आपातकालीन संपर्क विवरण भी साझा किए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद उपलब्ध कराई जा सके। विश्लेषकों का कहना है कि यह हमला न केवल पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए भी एक चेतावनी है, जिसके चलते विदेशी मिशन अपने नागरिकों के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं।
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