पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक शिया मस्जिद में हुए भीषण आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट (ISIS) ने ले ली है। यह हमला शुक्रवार (6 फरवरी) को हुआ था, जिसमें पाकिस्तानी सरकार के आंकड़ों के अनुसार अब तक कम से कम 36 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 149 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह हाल के वर्षों में इस्लामाबाद में हुआ सबसे घातक आतंकी हमला है।
मस्जिद में जुमे की नमाज़ के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे तब यह फिदायीन हमला किया गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इस्लामाबाद के सभी प्रमुख अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया, ताकि घायलों का तत्काल इलाज किया जा सके। वहीं अमेरिकी दूतावास ने पाकिस्तान में मौजूद सभी अमेरिकी नागरिकों से सतर्क रहने और अफ़ग़ानिस्तान सीमा से दूर रहने और भीड़-भाड़ वाली जगह से दूर रहने की सलाह दी है।
आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने अपने आधिकारिक चैनलों के जरिए हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा, “मंदिर के अंदरूनी द्वार तक पहुंचने के बाद, शहादत चाहने वाले ने शिया जमावड़े के बीच अपनी विस्फोटक जैकेट उड़ा ली, जिससे बड़ी संख्या में मौतें और घायल हुए।” यह बयान जिहादी संगठनों पर नजर रखने वाली संस्था के हवाले से सामने आया है।
ISIS has claimed responsibility for the Islamabad suicide bombing on a Shia Shrine yesterday which killed 69 and injured over 170. Many in Afghanistan and India believe this is Pakistan Army’s own doing for several Geopolitical reasons. Events of the future may have an answer. pic.twitter.com/fbDPpmtD0G
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) February 7, 2026
रिपोर्ट के अनुसार, आत्मघाती हमलावर ने मस्जिद के अंदर प्रवेश करने की कोशिश की थी, लेकिन सुरक्षा पर तैनात कर्मियों ने उसे मुख्य प्रवेश द्वार पर ही रोक लिया। इसके बाद हमलावर ने वहीं खुद को विस्फोट से उड़ा लिया। चूंकि उस वक्त मस्जिद नमाज़ियों से भरी हुई थी, इसलिए विस्फोट का असर बेहद घातक साबित हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मस्जिद के प्रवेश द्वार को भारी नुकसान पहुंचा और आसपास की इमारतों के शीशे टूट गए। सड़क पर मलबा फैल गया और कई लोग गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े दिखाई दिए।
यह हमला सितंबर 2008 के बाद इस्लामाबाद में हुआ सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है। उस समय एक आत्मघाती ट्रक के जरिए बम हमले में फाइव स्टार मैरियट होटल का हिस्सा तबाह हो गया था, जिसमें 60 लोगों की मौत हुई थी। मौजूदा हमला उस त्रासदी से भी अधिक जानलेवा साबित हुआ है।
हमले के बाद पूरे शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं। जांच एजेंसियां हमलावर की पहचान, उसके नेटवर्क और संभावित सहयोगियों का पता लगाने में जुटी हुई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान में शिया समुदाय को निशाना बना ISIS के लक्ष्य का हिस्सा है।
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