बांग्लादेश में निपाह वायरस से महिला की मौत, दो हफ्ते पहले ही भारत में मिले थे दो केस

बांग्लादेश में निपाह वायरस से महिला की मौत, दो हफ्ते पहले ही भारत में मिले थे दो केस

A woman has died from the Nipah virus in Bangladesh, just two weeks after two cases were reported in India.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बांग्लादेश में निपाह वायरस से एक महिला की मौत की पुष्टि की है। इस मामले के सामने आने के बाद एशिया भर में एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग बढ़ा दी गई है। 2 हफ्ते पहले ही भारत में दो ऐसे ही मामलों की पुष्टि हुई थी। दोनों ही पश्चिम बंगाल के 24 परगना के रहने वाले स्वास्थ्य कर्मी थे। WHO ने शुक्रवार (6 फरवरी)को बताया कि बांग्लादेश में 40 से 50 साल की मरीज में 21 जनवरी को निपाह वायरस के लक्षण दिखे, जिसमें बुखार और सिरदर्द के बाद मुंह से ज्यादा लार आना, भ्रम और दौरे पड़ना शामिल थे।

एक हफ्ते बाद उसकी मौत हो गई, और एक दिन बाद वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। महिला की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं थी, लेकिन जांच में पता चला कि उसने कच्चे खजूर का रस पिया था। WHO ने कहा कि मरीज के संपर्क में आए सभी 35 लोगों पर नजर रखी जा रही है और उनका वायरस टेस्ट नेगेटिव आया है, और अब तक कोई और मामला सामने नहीं आया है।

निपाह संक्रमित चमगादड़ों से दूषित चीजों, जैसे फलों, से फैलता है। यह 75 प्रतिशत मामलों में जानलेवा हो सकता है, लेकिन यह लोगों के बीच आसानी से नहीं फैलता है। भारत में वायरस का मामला सामने आने के बाद ही मलेशिया, थाईलैंड, इंडोनेशिया सहित तमाम देशों ने एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग लागू कर दी थी।

WHO ने शुक्रवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बीमारी फैलने का जोखिम कम माना जाता है और वह मौजूदा जानकारी के आधार पर किसी भी यात्रा या व्यापार प्रतिबंध की सिफारिश नहीं करता है। 2025 में, बांग्लादेश में लैब में पुष्टि किए गए चार जानलेवा मामले सामने आए थे।

वर्तमान में इस संक्रमण के लिए कोई दवा या वैक्सीन नहीं है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार हाथों को नियमित रूप से साबुन और पानी से धोने, फ्लाइंग फॉक्स बैट या बीमार सूअरों से दूरी बनाए रखने, चमगादड़ों वाली जगह पर जाने से बचने और चमगादड़ों के जूठे फल या अन्य चीजों को छूने व खाने से परहेज कर इस संक्रमण से बचा जा सकता है।

यह भी पढ़ें:

पूंछ दौरे में थलसेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी की पुराने सहकर्मी से मुलाकात!

केरल में भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने कार्यकर्ताओं में भरा जोश!

ट्रंप के सामने कैसे भारत ने कृषि मोर्चे पर पलटा खेल? पीयूष गोयल ने बताई पूरी रणनीति

Exit mobile version