ईरान और इजरायल के बीच तनाव अब खुली जंग की ओर बढ़ता दिख रहा है। शुक्रवार तड़के इजरायल ने “ऑपरेशन राइजिंग लायन” के तहत ईरान की राजधानी तेहरान पर व्यापक हवाई हमले किए। इन हमलों में ईरान के सेना प्रमुख मेजर जनरल मोहम्मद बाघेरी और इंटरनल रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रमुख मेजर जनरल हुसैन सलामी के मारे जाने की खबरें सामने आई हैं। ईरान की ओर से इस खबर की आधिकारिक पुष्टी की गई है।
स्थानीय ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि हमलों में ईरान के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ-साथ दो वरिष्ठ परमाणु वैज्ञानिकों की भी मौत हुई है। एक इजरायली अधिकारी ने अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी AFP को बताया, “संभावना है कि शुरुआती हमलों में ईरानी चीफ ऑफ स्टाफ और प्रमुख परमाणु वैज्ञानिकों को समाप्त कर दिया गया है।”
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने भी इस हमले में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और दो वैज्ञानिकों की मौत की पुष्टि की है, हालांकि उन्होंने नाम नहीं बताए। इसराइल ने यह हमला ऐसे समय में किया है जब तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर वैश्विक चिंताएं चरम पर हैं। हमले से एक दिन पहले ही अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने बीस वर्षों में पहली बार ईरान पर परमाणु संधियों के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगाया था।
तेहरान के खिलाफ इस लंबे समय से प्रतीक्षित कार्रवाई के तहत इजरायल ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से हर कीमत पर रोकने के लिए तैयार है। इजरायल का कहना है कि वह ईरान को परमाणु शक्ति बनने की अनुमति नहीं देगा, जबकि ईरान बार-बार यह कहता आया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।
इस घातक हमले के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई ने इजरायल को कड़ी सजा देने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा, “यह हमला ईरान की संप्रभुता और अस्मिता पर सीधा आक्रमण है, और इसके गंभीर परिणाम होंगे।” तेहरान में हुई इन बमबारी के बाद इसराइल में भी एयर-रेड सायरन बजा दिए गए थे, जिससे संकेत मिलता है कि दोनों देशों के बीच सीधे युद्ध की स्थिति बन सकती है।
फिलहाल क्षेत्र में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। इजरायल के इस ‘प्रीएम्प्टिव स्ट्राइक’ के बाद मध्य पूर्व में क्षेत्रीय युद्ध की आशंका बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक शक्तियां इस पर प्रतिक्रिया देने की तैयारी कर रही हैं।
अगर इन वरिष्ठ ईरानी सैन्य अधिकारियों की मौत की पुष्टि होती है, तो यह ईरान की सैन्य शक्ति पर एक बड़ा आघात माना जाएगा और दोनों देशों के बीच टकराव का नया अध्याय शुरू हो सकता है। यह अब सिर्फ शब्दों का युद्ध नहीं रह गया, बल्कि यह संघर्ष सीधे सैन्य कार्रवाई और रणनीतिक हमलों में बदल चुका है। आने वाले कुछ दिन पूरे क्षेत्र के लिए निर्णायक हो सकते हैं।
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