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Wednesday, February 4, 2026
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‘रुसी तेल की खरीद पर भारत को चुनकर निशाना बनाना अनुचित’

विदेशमंत्री एस जयशंकर का पोलैंड में बयान

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विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पोलैंड से आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता अपनाने का आग्रह किया, साथ ही उन्होंने रूसी तेल की खरीद पर कहा है कि भारत को चुनकर निशाना बनाना न तो उचित है और न ही न्यायसंगत। यह टिप्पणी उन्होंने वारसा में पोलैंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान अपने प्रारंभिक संबोधन में की।

जयशंकर ने वैश्विक मंचों पर भारत के प्रति अपनाए जा रहे रवैये पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा, “मैं बार-बार यह रेखांकित करता रहा हूं कि भारत को चुनकर निशाना बनाना अनुचित और अन्यायपूर्ण है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने इस मुद्दे को हाल के अंतरराष्ट्रीय संवादों में खुलकर और निरंतर उठाया है।

क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बात करते हुए जयशंकर ने कहा, “आज हमारी बातचीत स्वाभाविक रूप से क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों को कवर करेगी। हाल के समय में, पिछले सितंबर न्यूयॉर्क में और इस जनवरी पेरिस में, मैंने यूक्रेन संघर्ष और उसके प्रभावों पर अपने विचार स्पष्ट रूप से साझा किए हैं। ऐसा करते हुए, मैंने बार-बार यह रेखांकित किया है कि भारत को चुनकर निशाना बनाना अनुचित और अन्यायपूर्ण है। मैं आज फिर यही कहता हूं।”

बैठक की पृष्ठभूमि को वर्तमान वैश्विक हालात से जोड़ते हुए विदेश मंत्री ने कहा, “हम ऐसे समय में मिल रहे हैं, जब दुनिया भारी उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। ऐसे में दो अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित दो राष्ट्रों के रूप में, जिनकी अपनी-अपनी चुनौतियां और अवसर हैं, उन्हें विचारों और दृष्टिकोणों का आदान-प्रदान करना स्वाभाविक रूप से उपयोगी है। हमारे द्विपक्षीय संबंध भी लगातार आगे बढ़े हैं, लेकिन फिर भी उन्हें निरंतर संवारने की आवश्यकता है।”

वार्ता के एजेंडे को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “आज, उप प्रधानमंत्री महोदय, हम एक्शन प्लान 2024-28 की समीक्षा करेंगे, जिसके माध्यम से हम अपनी रणनीतिक साझेदारी की पूरी क्षमता को साकार करना चाहते हैं। हम व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, स्वच्छ प्रौद्योगिकियों और डिजिटल नवाचार में सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा करेंगे।”

भारत की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए जयशंकर ने कहा, “भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, उसके बाजार का आकार और निवेश समर्थक नीतियां पोलिश व्यवसायों के लिए अपार अवसर प्रदान करती हैं। हम गहरे सांस्कृतिक और लोगों से लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर भी विचार करेंगे।”

आतंकवाद के मुद्दे पर विदेश मंत्री ने कहा, “उप प्रधानमंत्री महोदय, आप हमारे क्षेत्र से अनजान नहीं हैं और सीमा-पार आतंकवाद की लंबे समय से चली आ रही चुनौतियों से भली-भांति परिचित हैं। मुझे आशा है कि इस बैठक में मैं आपके हालिया क्षेत्रीय दौरों पर भी चर्चा करूंगा। पोलैंड को आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता दिखानी चाहिए और हमारे पड़ोस में आतंकवादी ढांचे को बढ़ावा देने में मदद नहीं करनी चाहिए।”

अपने प्रारंभिक संबोधन में पोलैंड के विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की ने जयशंकर की चिंताओं से सहमति जताई। उन्होंने कहा, “मैं सीमा-पार, अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का मुकाबला करने की आवश्यकता पर आपसे पूरी तरह सहमत हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि पोलैंड स्वयं ऐसी चुनौतियों का सामना कर चुका है, “पोलैंड आगजनी और राज्य-प्रायोजित आतंकवाद के प्रयासों का शिकार रहा है।”

आर्थिक मुद्दों पर भी सिकोरस्की ने समर्थन जताते हुए कहा, “मैं टैरिफ के जरिए चुनकर निशाना बनाए जाने की अनुचितता पर भी आपसे पूरी तरह सहमत हूं। हमें आशंका है कि यह वैश्विक व्यापार में उथल-पुथल की ओर बढ़ रहा है।” उन्होंने कहा कि पोलैंड चाहता है कि भारत यूरोप के साथ निकटता से जुड़ा रहे और भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने को वारसा विशेष महत्व देता है।

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