अमेरिका के स्वास्थ्य मंत्री रोबर्ट एफ केनेडी (RFK jr)जूनियर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। कोविड-19 महामारी को लेकर अपनी सोच बताते हुए उन्होंने कहा कि वह कोरोना वायरस से इसलिए नहीं डरे क्योंकि वह पहले, “टॉयलेट सीट से कोकीन सूंघ” चुके हैं। RFK जूनियर ने कोरोना को एक जर्म बताते हुए यह टिप्पणी एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान की, जिसे लेकर अमेरिका में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
यह बयान उन्होंने पॉडकास्टर थिओ वॉन के साथ बातचीत में दिया। इस चर्चा में RFK जूनियर ने अपनी दशकों पुरानी नशे की लत, पुनर्वास (रीहैब) की प्रक्रिया और कोविड-19 महामारी के दौरान अपने फैसलों पर खुलकर बात की।
RFK ने कहा कि महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन के बावजूद उन्होंने हर हाल में रीहैब जाना जारी रखा। उनका तर्क था कि कोरोना वायरस उन्हें नहीं मार सकता, जबकि नशे की बीमारी निश्चित रूप से उनकी जान ले सकती थी। उन्होंने कहा, “मैंने कहा, ‘मुझे किसी जर्म से डर नहीं है। आप जानते हैं, मैं टॉयलेट सीट से कोकीन सूंघ चुका हूं, और मुझे पता है कि यह बीमारी [नशे की लत] मुझे मार देगी, है न? अगर मैं इसका इलाज नहीं करता, जिसका मतलब मेरे लिए हर दिन मीटिंग में जाना है। यह मेरी जिंदगी के लिए बुरा है। तो मेरे लिए यह जीवन और मृत्यु का सवाल था।’”
RFK जूनियर पहले भी स्वीकार कर चुके हैं कि उन्होंने 15 साल की उम्र में ड्रग्स लेना शुरू कर दिया था। चार दशकों से अधिक समय तक नशे की लत से जूझने के दौरान उन्होंने हेरोइन, कोकीन और मेथ जैसी खतरनाक ड्रग्स लेने की बात सार्वजनिक रूप कबूली है।
HHS Secretary RFK Jr:
“I'm not scared of a germ. I used to snort cocaine off of toilet seats.” pic.twitter.com/aqKZTEujXk
— Republicans against Trump (@RpsAgainstTrump) February 12, 2026
स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर RFK जूनियर को उनके टीकाकरण विरोधी और विज्ञान-विरोधी रुख के लिए व्यापक आलोचना झेलनी पड़ी है। उन पर संघीय वैक्सीन-संबंधी कार्यक्रमों को कमजोर करने, बीमारियों और टीकों को लेकर गलत सिद्धांत फैलाने और बिना प्रमाण के चिकित्सा सलाह देने के आरोप लगते रहे हैं। उनके आलोचकों का कहना है कि नशे की लत और ऐसे बयानों के कारण देश की स्वास्थ्य सेवाओं का नेतृत्व करने की उनकी क्षमता पर भरोसा नहीं बनता।
RFK जूनियर इससे पहले यह भी कह चुके हैं कि उन्हें इस बात को लेकर संदेह है कि HIV ही AIDS का कारण है। उन्होंने यह खारिज हो चुका दावा भी दोहराया था कि ‘पॉपर्स’ नामक पार्टी ड्रग AIDS का कारण हो सकती है।
कोविड-19 को लेकर भी उनके बयान बेहद विवादित रहे हैं। उन्होंने यह दावा किया था कि कोरोना वैक्सीन लोगों को माइक्रोचिप के जरिए नियंत्रित करने के लिए बनाई गई है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा था कि वायरस को इस तरह इंजीनियर किया गया कि वह कुछ समुदायों को प्रभावित न करे। RFK जूनियर के शब्दों में, “एक तर्क यह है कि यह जातीय रूप से लक्षित है। कोविड-19 को काकेशियन और अश्वेत लोगों पर हमला करने के लिए लक्षित किया गया है। जो लोग सबसे ज्यादा प्रतिरक्षित हैं, वे अश्केनाज़ी यहूदी और चीनी हैं।”
इन बयानों को वैज्ञानिक समुदाय ने पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया था। कोविड-19 और सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियों को लेकर RFK जूनियर की टिप्पणियां अमेरिका में लगातार राजनीतिक और सामाजिक बहस को हवा देती रही हैं, और उनका यह ताजा बयान भी उसी कड़ी में देखा जा रहा है।
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