झारखंड एटीएस: इंडियन मुजाहिदीन से संबंध रखने वाले आतंकी गिरफ्तार!

एटीएस ने पिछले हफ्ते भी धनबाद के वासेपुर और अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर इस आतंकी संगठन से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार किया था।

झारखंड एटीएस: इंडियन मुजाहिदीन से संबंध रखने वाले आतंकी गिरफ्तार!

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झारखंड एटीएस की टीम ने आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े रहे अमार यासर नामक एक शख्स को धनबाद जिले के भूली इलाके से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इन दिनों वह आतंकी संगठन ‘हिज्ब उत तहरीर’ के लिए गुप्त तरीके से देश विरोधी गतिविधियों में सक्रिय था।

एटीएस ने पिछले हफ्ते भी धनबाद के वासेपुर और अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर इस आतंकी संगठन से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार किया था।

झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने मीडिया को बताया कि इंडियन मुजाहिदीन के लिए काम करने के आरोप में अमार यासर को 2014 में राजस्थान के जोधपुर से गिरफ्तार किया गया था। वह मई 2024 में जमानत पर जेल से बाहर निकलने के बाद ‘हिज्ब उत तहरीर’ के साथ जुड़ गया था। अमार यासर पर आतंकी गतिविधियों को लेकर राजस्थान के जयपुर और जोधपुर में तीन मामले दर्ज हैं। उससे पूछताछ चल रही है।

एटीएस ने इसके पहले धनबाद के जिन चार लोगों को गिरफ्तार किया था, उनमें वासेपुर के गुलफाम हसन, आजाद नगर अमन सोसायटी निवासी आयान जावेद, शमशेर नगर में रहने वाली उसकी पत्नी शबनम परवीन और मोहम्मद शहजाद आलम शामिल थे। इन आरोपियों के पास से दो पिस्टल, 12 गोलियां, प्रतिबंधित संगठनों से संबंधित साहित्य और दस्तावेज के साथ कई मोबाइल और लैपटॉप बरामद किए गए थे।

इन लोगों से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि उन्होंने आतंकी नेटवर्क के विस्तार के लिए अलग मॉड्यूल तैयार कर रखा था। एटीएस नेटवर्क से जुड़े कई अन्य लोगों की तलाश में जुटा है। गिरफ्तार संदिग्धों के पास से जो किताबें मिली हैं, उसमें आतंकी संगठन ‘हिज्ब उत तहरीर’ के उद्देश्यों का जिक्र है।

1953 में यरुशलम में बने इस आतंकी संगठन का मकसद विश्व में खलीफा यानी इस्लामिक स्टेट का शासन स्थापित करना है। 2010 में भारत सरकार ने इस्लामी कट्टरपंथी समूह ‘हिज्ब उत तहरीर’ पर प्रतिबंध लगा दिया था।

 
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