काजा कालास पहुंचीं नई दिल्ली: रक्षा समझौते और एफटीए को लेकर भारत-ईयू रिश्तों को नई गति

काजा कालास पहुंचीं नई दिल्ली: रक्षा समझौते और एफटीए को लेकर भारत-ईयू रिश्तों को नई गति

Kaja Kallas arrives in New Delhi: India-EU relations gain new momentum with defense agreements and FTA.

यूरोपीय संघ की विदेश मामलों और सुरक्षा नीति की प्रतिनिधि तथा उपाध्यक्ष काजा कालास शनिवार (24 जनवरी) को अपनी पहली आधिकारिक भारत यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचीं। उनका यह दौरा भारत और यूरोपीय संघ के बीच रणनीतिक, रक्षा और आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाले समझौते के लिए हुआ है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उनका स्वागत करते हुए कहा कि यह यात्रा भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए एक अहम अवसर है। उन्होंने उल्लेख किया कि हाल के वर्षों में लगातार उच्चस्तरीय संवादों के चलते दोनों पक्षों के संबंधों में उल्लेखनीय गति आई है।

कालास की यह यात्रा उनके यूरोपीय संसद को संबोधित करते हुए भारत के साथ एक नए और व्यापक एजेंडे की प्रतिबद्धता जताने के बाद हो रही है। उस संबोधन में उन्होंने बताया था कि यूरोपीय संघ ने भारत के साथ एक नए सुरक्षा और रक्षा साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर को मंजूरी दी है। इस प्रस्तावित समझौते के तहत समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग और साइबर रक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा किया जाएगा।

कालास ने कहा कि वह अगले सप्ताह नई दिल्ली में होने वाले भारत-यूरोपीय संघ के शिखर सम्मेलन के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने को लेकर उत्साहित हैं। इसे भारत और यूरोपीय संघ के बीच रक्षा सहयोग में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है, यह ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक सुरक्षा चुनौतियां तेजी से बदल रही हैं।

नई दिल्ली में होने वाला 16वां भारत-EU शिखर सम्मेलन दोनों पक्षों के लिए खास महत्व रखता है। इस दौरान एक नया व्यापक रणनीतिक एजेंडा अपनाए जाने की संभावनाऐं बनी हुई है, जो आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय संबंधों की दिशा तय करेगा। इससे पहले 15वां शिखर सम्मेलन जुलाई 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया गया था।

इस बीच, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डर लेयेन ने भी भारत के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर आशावाद जताया है। दावोस में विश्व आर्थिक मंच के दौरान उन्होंने इस संभावित समझौते को “मदर ऑफ ऑल डील्स” करार देते हुए कहा कि इससे दो अरब लोगों का साझा बाजार बनेगा, जो वैश्विक जीडीपी के करीब एक चौथाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करेगा। उन्होंने स्वीकार किया कि चुनौतियां अब भी मौजूद हैं, लेकिन यूरोपीय संघ इस ऐतिहासिक समझौते के बेहद करीब है।

उर्सुला वॉन डर लेयेन अगले सप्ताह स्वयं भारत की यात्रा पर आने वाली हैं, ताकि एफटीए वार्ताओं को आगे बढ़ाया जा सके और आर्थिक सहयोग को नई धार दी जा सके। इसी क्रम में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डर लेयेन 25 से 27 जनवरी तक तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत आएंगे। वे भारत के 76वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे।

इस यात्रा के दौरान कोस्टा और उर्सुला वॉन डर लेयेन 27 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे। उनके राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात और प्रधानमंत्री मोदी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की विस्तृत वार्ता का भी कार्यक्रम है। साथ ही, शिखर सम्मेलन के समानांतर भारत-EU बिजनेस फोरम आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य व्यापार और निवेश सहयोग को बढ़ावा देना है।

काजा कालास की यात्रा, गणतंत्र दिवस के विशेष अतिथि और शिखर सम्मेलन, इन सभी घटनाओं को भारत-ईयू संबंधों में रक्षा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग को तेज़ी से आगे बढ़ाने की दिशा में एक निर्णायक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।

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