आतंक से जुड़ी हिंसा में बढ़ोतरी
17 अप्रैल 2026 एक गंभीर दिन साबित हुआ, जब मंघोपीर ओरांगी टाउन में हथियारबंद हमलावरों ने गोलीबारी की। इस हमले में कॉन्स्टेबल खादिम अली शाह की मौत हो गई, जबकि कॉन्स्टेबल मोहम्मद तुफैल खान घायल हो गए। इस हमले की जिम्मेदारी तुरंत तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने ली।
उसी दिन लायरी इलाके में सुरक्षा बलों ने टीटीपी के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया और 30-बोर पिस्तौल व 18 गोलियां बरामद कीं। पूछताछ में कराची पर बड़े हमले की साजिश का खुलासा हुआ।
इससे पहले 10 अप्रैल 2026 को फारुख-ए-आज़म मस्जिद के बाहर रेहान नामक व्यक्ति की अज्ञात बाइक सवारों ने गोली मारकर हत्या कर दी।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2025 में सिंध में आतंकवाद से जुड़े 49 लोगों की मौत हुई, जो 2024 की तुलना में अधिक है। इनमें से अधिकतर घटनाएं कराची में हुईं।
सिंधी अलगाववादी गतिविधियां
इस्लामी आतंकी संगठनों के अलावा सिंधी राष्ट्रवादी संगठन भी सक्रिय हो गए हैं।
सिंधुदेश रिवोल्यूशनरी आर्मी (SRA) ने 2025 में बलोच राजी आजोई संगार (BRAS) के साथ गठबंधन किया, जिसमें बलोच लिबरेशन आर्मी जैसे संगठन शामिल हैं।
इन समूहों ने ट्रकों, रेलवे और पुलिस ठिकानों पर हमले किए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि वे अब गुरिल्ला रणनीति अपना रहे हैं।
सड़क अपराध: एक बड़ी समस्या
आतंकवाद के साथ-साथ कराची में सड़क अपराध भी एक गंभीर चुनौती है। सिटिजन पुलिस लायजन कमेटी (CPLC) के अनुसार, 2026 के पहले तीन महीनों में 14 हजार से ज्यादा अपराध दर्ज किए गए।
प्रमुख आंकड़े:
मोटरसाइकिल चोरी/छीनना: हर महीने 3000 से ज्यादा
मोबाइल छीनना: हर महीने 1200 से ज्यादा
कार चोरी: लगभग 150 प्रति माह
लूट से जुड़ी मौतें: तीन महीनों में 134 मौतें
हालांकि 2025 की तुलना में थोड़ी कमी दिखाई देती है, लेकिन कई मामले अब भी दर्ज नहीं होते।
आगे की राह
पुलिस प्रमुख जावेद आलम ओधो ने अपराध में कमी का दावा किया है, लेकिन विशेषज्ञ ज़ोहा वसीम का कहना है कि केवल आंकड़े काफी नहीं हैं।
कराची के लिए अब दोहरी रणनीति जरूरी है:
आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई
रोजमर्रा के अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण
अगर इन दोनों समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो कराची में जनता का भरोसा फिर से हासिल करना मुश्किल होगा।
अंधकार हटेगा, सूरज उगेगा, दीदी का खेला खत्म, विकास शुरू: योगी!
