हैदराबाद में मादक पदार्थों के खिलाफ जारी कार्रवाई के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने कथित तौर पर नशे की लत के चलते अपनी पूरी तनख्वा गंवा देने के बाद में अपने घर पर ही गांजा उगाना शुरू कर दिया।
आरोपी की पहचान सीएच शशिधर के रूप में हुई है, जिसने एक सॉफ्टवेयर कंपनी में नौकरी हासिल की थी, लेकिन कुछ ही महीनों में वह गांजे का आदी हो गया। अधिकारियों के अनुसार, उसने अपनी लगभग पूरी मासिक आय नशे पर खर्च कर दी और अंततः नौकरी छोड़ दी। एक प्रवर्तन अधिकारी ने बताया, “उसने अपनी लगभग पूरी सैलरी ड्रग्स पर खर्च कर दी और स्थिति संभाल नहीं पाने के कारण नौकरी छोड़ दी।”
पैसे खत्म होने के बाद शशिधर ने कथित तौर पर हैदराबाद के नचाराम इलाके में अपने घर की छत पर गांजे के पौधे उगाने शुरू कर दिए। सूचना मिलने पर रंगा रेड्डी प्रवर्तन टीम ने सर्किल इंस्पेक्टर बालराज के नेतृत्व में गांधी नगर क्षेत्र में छापेमारी की और 17 गांजा पौधे जब्त किए।
अधिकारियों के अनुसार, कुछ पौधों में फूल आ चुके थे और कुछ की ऊंचाई तीन मीटर तक पहुंच गई थी। अनुमान है कि इनसे करीब 10 किलोग्राम गांजा प्राप्त हो सकता था। आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई के लिए घाटकेसर आबकारी पुलिस को सौंप दिया गया है।
इसी दौरान एक अलग कार्रवाई में प्रवर्तन टीम ने मेडिपल्ली इलाके में दो बीटेक छात्रों को कथित तौर पर गांजा बेचते हुए पकड़ा। आरोपियों के पास से 480 ग्राम गांजा बरामद किया गया। अधिकारियों का कहना है कि वे छोटे स्तर पर सप्लाई नेटवर्क में शामिल थे। दोनों को भी आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए आबकारी विभाग को सौंप दिया गया है।
एक अन्य मामले में आबकारी विभाग ने मुशीराबाद क्षेत्र में छापेमारी कर ‘ओजी कुश’ नामक हाईब्रिड गांजा जब्त किया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 36 लाख रुपये बताई जा रही है। इस मामले में 29 वर्षीय राहुल सिंह को गिरफ्तार किया गया है, जबकि सप्लाई से जुड़े एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
पूछताछ में सामने आया कि यह हाई-वैल्यु गांजा कथित तौर पर बैंकॉक से तस्करी कर लाया गया था और स्थानीय स्तर पर सप्लाई किया जा रहा था। इन घटनाओं के बीच आबकारी विभाग ने बताया कि इस वर्ष की शुरुआत से ही हैदराबाद और आसपास के इलाकों में गांजा बरामदगी के कई मामले सामने आए हैं। विभिन्न छापों में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है और बड़ी मात्रा में ड्रग्स जब्त किए गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, इन मामलों में बड़ी संख्या में युवा, छात्र और कामकाजी पेशेवर शामिल पाए जा रहे हैं, जो या तो नशे के शिकार हैं या त्वरित कमाई के लिए सप्लाई नेटवर्क का हिस्सा बन रहे हैं।
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