5 अक्टूबर 2025 से पहले आरोपी व्यक्तियों ने परनाश्री निवासी सेवानिवृत्त इंजीनियर बिधान घोष दस्तीदार को फोन कर सीबीआई अधिकारी होने का झूठा दावा किया। उन्होंने एक काल्पनिक पार्सल मामले में फंसाने की धमकी दी और जाली दस्तावेज दिखाकर गिरफ्तारी का डर दिखाया।
जांच में दो बीएसएनएल नंबरों से आए कॉल का तकनीकी विश्लेषण किया गया, जिसमें सिम बॉक्स सेटअप की मौजूदगी सामने आई। मुख्य आरोपी अबीर शेख उर्फ मोनिरुल इस्लाम साजिब को 15 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया। उसके बयान पर अम्हर्स्ट स्ट्रीट थाना क्षेत्र के पटवारी बागान में छापेमारी की गई।
परिसर संख्या 12/4/डी, पटवारी बागान लेन, कोलकाता में एक पूरी तरह कार्यरत किम बॉक्स सिस्टम बरामद हुआ। वहां से 12 सिम बॉक्स उपकरण, 2000 से अधिक सिम कार्ड, कई मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और राउटर जब्त किए गए। इस दौरान कोलकाता निवासी मो. अमजद (38 वर्ष) को भी गिरफ्तार किया गया।
17 मार्च 2026 को अबीर शेख के जब्त लैपटॉप का फॉरेंसिक विश्लेषण होने पर उत्तर 24 परगना के अशोकनगर, मानिकतला क्षेत्र में छापा मारा गया। यहां से अर्पण सिकदर (24 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। कार्टन बॉक्स में छिपाकर रखे गए 6 चालू सिम बॉक्स, उनमें लगे 130 एक्टिव बीएसएनएल सिम कार्ड, 3 मोबाइल फोन, 4 राउटर, थिन क्लाइंट और अन्य सामान बरामद हुए।
सिम बॉक्स एक अवैध टेलीकॉम डिवाइस है, जिसमें कई सिम कार्ड लगाकर अंतरराष्ट्रीय वीओआईपी कॉल को स्थानीय जीएसएम कॉल में बदल दिया जाता है। इससे कॉल सस्ती पड़ती है और कॉल का असली स्रोत (ज्यादातर विदेश) छिप जाता है।
कोलकाता पुलिस ने बताया कि जांच जारी है। क्रिप्टो लेन-देन, कूरियर लिंक, सिम आपूर्ति श्रृंखला और अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। पूरे देश में ऐसे जुड़े मामलों की जांच भी की जाएगी।
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