पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच कुवैत में बिजली और जल संयंत्र पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हुई है। इस मौत के साथ ईरान बनाम अमेरिका और इजरायल युद्ध में मारे गए भारतीयों की संख्या बढ़कर कम से कम आठ हो गई है। कुवैत के बिजली और जल मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि हमले में एक भारतीय कर्मचारी की जान गई और संयंत्र की एक सर्विस बिल्डिंग को भी नुकसान पहुंचा।
An Iranian attack targeted a service building at a power generation and water desalination plant in Kuwait on Sunday, which left an Indian worker dead and significant damage to the building, the Ministry of Electricity, Water and Renewable Energy said early Monday.
Emergency… pic.twitter.com/eXcyvU92qX
— KUWAIT TIMES (@kuwaittimesnews) March 29, 2026
मंत्रालय ने इस हमले को खाड़ी देश के खिलाफ पापपूर्ण ईरानी आक्रामकता करार दिया। साथ ही बताया गया कि तकनीकी और आपातकालीन टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया, ताकि नुकसान को नियंत्रित किया जा सके और सेवाएं जारी रखी जा सकें।
इससे पहले पिछले गुरुवार (30 मार्च) को संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में भी एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई थी, जब एक बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट किए जाने के दौरान उसका मलबा गिरा। भारतीय दूतावास ने तब कहा था, “हम यूएई अधिकारियों के साथ मिलकर हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए लगातार संपर्क में हैं।”
DESALINATION PLANT IN KUWAIT STRUCK BY IRAN
INDIAN WORKER KILLED
‘SEVERE DAMAGE’ TO ‘SERVICE BUILDING’ pic.twitter.com/pJKlbALG2b
— RT (@RT_com) March 29, 2026
इस बीच सोमवार तड़के बहरीन, यूएई और सऊदी अरब में एयर रेड सायरन बजने की खबरें सामने आईं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बहरीन में कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिन्हें सुरक्षा अधिकारियों ने मिसाइल इंटरसेप्शन का परिणाम बताया।
यह युद्ध अब अपने पांचवें सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। संघर्ष की शुरुआत तब हुई जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर संयुक्त हमले किए, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ गया। इसके जवाब में ईरान ने ड्रोन और मिसाइल हमलों के जरिए इज़राइल और खाड़ी देशों को निशाना बनाया है, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं।
हालांकि डोनाल्ड ट्रंप ने संभावित वार्ता के संकेत दिए हैं, लेकिन संघर्ष थमता नजर नहीं आ रहा। ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि वह 6 अप्रैल तक ईरानी ऊर्जा ठिकानों पर हमलों को 10 दिनों के लिए रोकेंगे, जबकि ईरान ने चेतावनी दी है कि उसके ठिकानों पर हमला हुआ तो वह खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाएगा।
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