31 C
Mumbai
Monday, March 23, 2026
होमदेश दुनियामहाराष्ट्र: ईद-ए-मिलाद जुलूस में औरंगजेब की तस्वीर पर चढ़ाया दूध, फिर उछला...

महाराष्ट्र: ईद-ए-मिलाद जुलूस में औरंगजेब की तस्वीर पर चढ़ाया दूध, फिर उछला विवाद !

Google News Follow

Related

महाराष्ट्र में मुगल आक्रांता औरंगज़ेब को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता नज़र आ रहा है। धाराशिव में औरंगज़ेब के समर्थन में लगे नारों का वीडियो सामने आने के बाद अब अकोला से भी एक नया मामला प्रकाश में आया है। बताया जा रहा है कि अकोला शहर के तिलक रोड स्थित जूना कपड़ा बाजार चौक पर निकाले गए ईद-ए-मिलादुन्नबी जुलूस में औरंगज़ेब की तस्वीर पर दूध चढ़ाया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

पुलिस ने वीडियो की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, जिस तस्वीर पर दूध चढ़ाया गया, वह दरअसल बॉलीवुड फ़िल्म “तानाजी: द अनसंग वॉरियर” के पोस्टर में छपे औरंगज़ेब के किरदार की है। पुलिस ने बताया कि जुलूस वाले दिन ही ऐसे सभी पोस्टर्स को ज़ब्त कर लिया गया था और अब मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

 

View this post on Instagram

 

A post shared by NDTV India (@ndtvindia)

यह पहला मौका नहीं है जब भारत में मुगल शासकों को लेकर बहस छिड़ी हो। समय-समय पर अकबर, बाबर और औरंगज़ेब जैसे आक्रमणकारियों का महिमामंडन करना समाज विशेष की ख़ास आदत बन चूका है। जगहों के नाम बदलने के मुद्दे पर भी यह बहस के मुद्दे बन जाते है, जहां राजनीतिक दल आमने-सामने आ जाते हैं।

मुग़लों ने भारत पर आक्रमण कर भारत के लोगों को सैकड़ों सालों की गुलामी में धकेल दिया। लाखों की संख्या में लोगों का कत्लेआम, लूटपाट और जबरन धर्मांतरण को अंजाम देने वाले मुग़ल आज के दौर में उन्हीं पीड़ितों के वंशजो के नायक बन चुके है। औरंगज़ेब के शासनकाल में अनेकों भव्य हिंदू मंदिरों का विध्वंस किया गया, ग़रीब हिंदुओ पर जज़िया कर लादा गया, जिसके चलते भारी संख्या में गैर-मुसलमानों को धर्मांतरित किया गया।

इस इतिहास को जानकार उसे नकारने वाले अनेक है, इनमें से अधिकतर आज धर्मांतरित मुस्लिम है। आज औरंगजेब की सरहाना करना कट्टरता के महिमामंडन करने के समान है। यह विवाद केवल इतिहास तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान, धर्मनिरपेक्षता और राजनीतिक ध्रुवीकरण से भी गहराई से जुड़े हुए हैं।

हम जब समाज में मुग़ल आक्रांताओ के महिमामंडन की बात करतें है तो इस बात को नहीं भूलना चाहिए की, १९४७ में भारत का विभाजन करने वाली और लाखों हिंदुओ का कत्लेआम करने वाली मानसिकता भी मुग़लो से ही प्रेरणा लेकर आगे बढ़ी थी।

यह भी पढ़ें:

केरल कांग्रेस के बाद बिहार कांग्रेस की शर्मनाक करतूत, AI से बनाया पीएम मोदी की माँ का वीडिओ !

ट्रंप के भारत राजदूत उम्मीदवार बोले, “भारत का मिडिल क्लास अमेरिकी तेल खरीदे”

आसाम: पीएम मोदी रखेंगे 7000 करोड़ रुपये के पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट की नींव!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

150,986फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
299,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें