29 C
Mumbai
Tuesday, September 15, 2026
होमदेश दुनियारेलवे का बड़ा फैसला, आद्रा-जॉयचंदीपहाड़ बाईपास से माल ढुलाई होगी तेज!

रेलवे का बड़ा फैसला, आद्रा-जॉयचंदीपहाड़ बाईपास से माल ढुलाई होगी तेज!

272 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगी परियोजना, माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने और परिचालन भीड़भाड़ कम करने में मिलेगी मदद

Google News Follow

Related

भारतीय रेलवे ने माल ढुलाई क्षमता को मजबूत करने और महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर पर परिचालन संबंधी बाधाओं को कम करने के लिए एक अहम परियोजना को मंजूरी दी है। दक्षिण पूर्व रेलवे के अंतर्गत आद्रा छोर और जॉयचंदीपहाड़ के बीच 11 किलोमीटर लंबी बाईपास लाइन का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर कुल 272 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

रेलवे के अनुसार, प्रस्तावित बाईपास लाइन दोनों दिशाओं में संपर्क उपलब्ध कराएगी और आगामी तीसरी रेल लाइन के लिए समर्पित मार्ग पृथक्करण की सुविधा भी प्रदान करेगी। इससे इस महत्वपूर्ण रेलखंड पर मालगाड़ियों की आवाजाही को अधिक सुचारु बनाने में मदद मिलेगी और भविष्य में बढ़ने वाले औद्योगिक यातायात का दबाव संभालना आसान होगा।

यह परियोजना विशेष रूप से औद्योगिक और खनिज माल की ढुलाई के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रेलवे के मुताबिक, बाईपास लाइन से SAIL की 23.40 मिलियन टन प्रतिवर्ष लौह अयस्क की मांग तथा BCCL के लिए प्रतिदिन अनुमानित 45 मालगाड़ियों की आवाजाही को समर्थन मिलेगा।

परियोजना के पूरा होने के बाद प्रति वर्ष लगभग 8.88 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई की सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र में बढ़ते औद्योगिक उत्पादन और खनिज परिवहन की जरूरतों को पूरा करने में रेलवे की क्षमता बढ़ेगी।

आद्रा-जॉयचंदीपहाड़-सांका बाईपास के निर्माण से वर्तमान रेल परिचालन में आने वाली कई बाधाओं को दूर करने में मदद मिलेगी। इस क्षेत्र में मौजूदा नेटवर्क का उपयोग स्तर करीब 71 प्रतिशत बताया गया है। इसके अलावा सड़क यातायात से जुड़ी समस्याओं के कारण कई बार माल ढुलाई की गति प्रभावित होती है।

नई बाईपास लाइन वैकल्पिक रेल मार्ग उपलब्ध कराएगी, जिससे परिचालन दक्षता बढ़ाने और भविष्य में बढ़ने वाले यातायात के कारण होने वाली भीड़भाड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

रेलवे के अनुसार, जॉयचंदीपहाड़-आद्रा खंड की मौजूदा लाइन की क्षमता वर्तमान में करीब 47.50 प्रतिशत है, जिसके वर्ष 2028-29 तक बढ़कर 56.45 प्रतिशत होने का अनुमान है। ऐसे में बाईपास लाइन भविष्य की परिवहन जरूरतों को देखते हुए महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचा साबित हो सकती है।

यह परियोजना भारतीय रेलवे के ऊर्जा, खनिज और सीमेंट कॉरिडोर के तहत माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। अतिरिक्त रेल क्षमता उपलब्ध होने से कोयला, लौह अयस्क, सीमेंट और अन्य औद्योगिक वस्तुओं की आवाजाही को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

रेलवे का मानना है कि बाईपास लाइन के निर्माण से आद्रा-जॉयचंदीपहाड़ कॉरिडोर में अतिरिक्त क्षमता पैदा होगी, सड़क यातायात से जुड़ी परिचालन बाधाएं कम होंगी और मालगाड़ियों की आवाजाही अधिक विश्वसनीय एवं सुचारु हो सकेगी।

272 करोड़ रुपये की यह परियोजना न केवल मौजूदा माल ढुलाई व्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि बढ़ते औद्योगिक यातायात के लिए भविष्य की रेल क्षमता तैयार करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

यह भी पढ़ें-
National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

150,366फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
333,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें