प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के माध्यम से देशवासियों को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के बीट गार्ड जगदीश प्रसाद अहिरवार के प्रयासों की सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि जंगलों के औषधीय पौधों से जुड़ी जानकारी को सहेजना और उसे अगली पीढ़ी तक पहुंचाना आज के समय की बड़ी जरूरत है, और इस दिशा में अहिरवार का कार्य हर किसी को प्रेरित करने वाला है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि जगदीश प्रसाद अहिरवार वर्षों से जंगल में रहकर औषधीय पौधों की पहचान, उनके उपयोग और संरक्षण से जुड़ी जानकारियां एकत्र कर रहे हैं। उन्होंने अपने अनुभवों और अध्ययन के आधार पर इन जानकारियों को व्यवस्थित रूप से संकलित किया, ताकि यह अमूल्य ज्ञान केवल सीमित न रहे, बल्कि समाज और शोध जगत के काम आ सके। पीएम मोदी ने इसे “लोकज्ञान और आधुनिक शोध के बीच सेतु” बताया।
मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि अहिरवार द्वारा जुटाई गई जानकारियों पर आधारित एक पुस्तक प्रकाशित हो चुकी है, जो आज वन विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ रिसर्चर्स और आयुर्वेद से जुड़े विशेषज्ञों के लिए उपयोगी साबित हो रही है। यह पुस्तक जंगलों की जैव विविधता को समझने और औषधीय पौधों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं से ऐसे प्रयासों से प्रेरणा लेने की अपील की और कहा कि देश के कोने-कोने में ऐसे लोग हैं, जो बिना किसी बड़े मंच के प्रकृति और समाज के लिए अद्भुत काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास न केवल पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करते हैं, बल्कि भारत की पारंपरिक ज्ञान परंपरा को भी नई ऊर्जा देते हैं।
मन की बात के जरिए पीएम मोदी का यह संदेश स्पष्ट है कि जमीनी स्तर पर किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी देश और आने वाली पीढ़ियों के लिए बड़ी विरासत बन सकते हैं।
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