आईटी शेयरों में भारी बिकवाली से बाजार 1.3% टूटा, सप्ताह भर दबाव कायम!

एनएसई निफ्टी 336.10 अंक गिरकर 25,471.10 पर बंद हुआ। वहीं बीएसई सेंसेक्स में 1,048.16 अंकों की बड़ी गिरावट आई और यह 82,626.76 पर बंद हुआ।

आईटी शेयरों में भारी बिकवाली से बाजार 1.3% टूटा, सप्ताह भर दबाव कायम!

IT stocks saw heavy selling, market fell 1.3%, pressure persisted throughout the week! The Indian stock market witnessed a sharp decline on Friday, with major indices closing down by around 1.3%. The biggest reason for the decline was heavy selling in the IT sector, which was further fueled by news of uncertainty related to Artificial Intelligence (AI) and job losses in the US. A "risk-off" environment prevailed throughout the day and investors booked profits rapidly. The NSE Nifty fell 336.10 points to close at 25,471.10, while the BSE Sensex fell 1,048.16 points to 82,626.76. Both major indices remained under pressure throughout the week, recording a decline of over 1%.1

शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई, जहां प्रमुख सूचकांक करीब 1.3% टूटकर बंद हुए। गिरावट की सबसे बड़ी वजह आईटी सेक्टर में जोरदार बिकवाली रही, जिसे अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी अनिश्चितता और जॉब लॉस की खबरों ने और हवा दी। दिनभर बाजार में “रिस्क ऑफ” माहौल बना रहा और निवेशकों ने तेजी से मुनाफावसूली की।

एनएसई निफ्टी 336.10 अंक गिरकर 25,471.10 पर बंद हुआ, जबकि बीएसई सेंसेक्स 1,048.16 अंक टूटकर 82,626.76 पर आ गया। दोनों प्रमुख सूचकांक पूरे सप्ताह दबाव में रहे और हफ्तेभर में करीब 1% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

गिरावट का केंद्र निफ्टी आईटी इंडेक्स रहा, जो दिन के दौरान 5% से अधिक टूटा। हालांकि अंत में यह 1.4% नीचे बंद हुआ, लेकिन पूरे सप्ताह में आईटी इंडेक्स 8% से ज्यादा फिसल गया। आईटी कंपनियों के मार्केट कैप में एक हफ्ते में लगभग 4.69 लाख करोड़ रुपये की कमी आंकी गई। विप्रो, टीसीएस, एलटीआई माइंडट्री और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसे दिग्गज शेयरों में 1–4% तक की गिरावट दर्ज की गई।

आईटी की कमजोरी का असर अन्य सेक्टरों पर भी पड़ा। निफ्टी मेटल इंडेक्स 3.3% और रियल्टी इंडेक्स 2.2% गिरा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी करीब 1.6% की गिरावट आई। बीएसई पर कारोबार किए गए अधिकांश शेयर लाल निशान में बंद हुए।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने 7,395 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 5,554 करोड़ रुपये की खरीदारी कर कुछ संतुलन बनाया।

विश्लेषकों के अनुसार AI के बढ़ते उपयोग से आईटी कंपनियों की पारंपरिक सर्विस मॉडल पर दबाव आ सकता है। हालांकि दीर्घकाल में नए अवसर भी बन सकते हैं, लेकिन फिलहाल बाजार में सेंटिमेंट कमजोर बना हुआ है।

यह भी पढ़ें-

आतंकवाद और क्रिकेट साथ-साथ नहीं चल सकते : हिंदू जनजागृति समिति!

Exit mobile version