अंडमान सागर में विशाल गैस भंडार की खोज, भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मिलेगी मजबूती!

यह खोज सरकार के गहरे पानी मिशन के अनुरूप है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉन्च किया था।

अंडमान सागर में विशाल गैस भंडार की खोज, भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मिलेगी मजबूती!

Massive Natural Gas Reserve Discovered in Andaman Sea, Boosting India’s Energy Self-Reliance

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को अंडमान सागर में प्राकृतिक गैस के एक बड़े भंडार की खोज की घोषणा की। यह खोज अंडमान द्वीप समूह के पूर्वी तट से 17 किलोमीटर दूर श्री विजयपुरम 2 कुएँ से हुई है। कुएँ की वर्तमान ड्रिलिंग गहराई 295 मीटर है, जबकि लक्षित गहराई 2,650 मीटर है।

पुरी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि शुरुआती उत्पादन परीक्षण में 2,212 और 2,250 मीटर की गहराई के बीच प्राकृतिक गैस की पुष्टि हुई और बीच-बीच में गैस ज्वालाएँ भी देखी गईं। परीक्षण के लिए गैस के नमूने काकीनाडा लाए गए, जिनमें लगभग 87 प्रतिशत मीथेन पाया गया।

पुरी ने कहा कि यह खोज भारत के गहरे पानी में अन्वेषण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। देश अपनी लगभग 85 प्रतिशत ऊर्जा ज़रूरतें आयात पर निर्भर कर रहा है, और यह खोज इसे आत्मनिर्भर बनाने में मदद कर सकती है। उन्होंने कहा, “गैस भंडार का आकार और व्यावसायिक व्यवहार्यता आगामी महीनों में सत्यापित होगी, लेकिन अंडमान बेसिन में हाइड्रोकार्बन की उपस्थिति हमारी लंबे समय से चले आ रहे विश्वास की पुष्टि करती है कि यह क्षेत्र प्राकृतिक गैस से समृद्ध है।”

गहरे पानी मिशन 

पुरी ने बताया कि यह खोज सरकार के गहरे पानी मिशन के अनुरूप है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉन्च किया था। इस पहल का उद्देश्य कई गहरे पानी के कुओं के माध्यम से अपतटीय हाइड्रोकार्बन भंडारों की पहचान करना है।

केंद्रीय मंत्री ने निष्कर्ष देते हुए कहा, “प्राकृतिक गैस की यह उपस्थिति हमें Petrobras, BP India, Shell और ExxonMobil जैसे वैश्विक गहरे पानी के अन्वेषण विशेषज्ञों के साथ समन्वय में हमारी महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने में मदद करेगी और अमृत काल के माध्यम से हमारी ऊर्जा यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।”

भू-राजनीतिक और आर्थिक महत्व

पुरी की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब भारत अपनी ऊर्जा ज़रूरतों में विविधता लाने पर काम कर रहा है। रूस से तेल की बढ़ती खरीद को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना के बीच यह खोज भारत की ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्थिति को मजबूत करने में मदद करेगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि अंडमान बेसिन में प्राकृतिक गैस की यह खोज न केवल घरेलू आपूर्ति बढ़ाएगी बल्कि देश को गहरे पानी के अपतटीय हाइड्रोकार्बन क्षेत्रों में वैश्विक खिलाड़ी बनने के रास्ते पर भी ले जाएगी।

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