विशेषज्ञों के मुताबिक, कई बार फोन पानी में गिरे बिना भी हवा में मौजूद नमी या जेब में जमा पसीने के कारण प्रभावित हो सकता है। ऐसी स्थिति में स्क्रीन, चार्जिंग पोर्ट और आंतरिक सर्किट को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है।
ऐसे पहचानें फोन में नमी की मौजूदगी
- स्क्रीन के अंदर धुंधलापन या पानी की महीन बूंदें दिखाई देना।
- चार्जिंग पोर्ट में नमी होने पर फोन में “Moisture Detected” या “Moisture Alert” का संदेश आना।
- चार्जर लगाने पर चार्जिंग का बार-बार रुकना या कनेक्ट-डिस्कनेक्ट होना।
- टचस्क्रीन का सामान्य रूप से काम न करना।
नमी दिखे तो तुरंत करें ये काम
यदि फोन में नमी का संदेह हो तो सबसे पहले उसे बंद कर दें। गीले चार्जिंग पोर्ट में चार्जर लगाने से शॉर्ट-सर्किट का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही बैक कवर, सिम ट्रे और यदि संभव हो तो बैटरी को भी निकाल लें।
सुरक्षित तरीके से कैसे हटाएं मॉइस्चर
- फोन को सूखे माइक्रोफाइबर या सूती कपड़े से अच्छी तरह साफ करें।
- सिलिका जेल के पाउच के साथ फोन को किसी बंद डिब्बे में कुछ घंटों के लिए रखें।
- सिलिका जेल उपलब्ध न हो तो फोन को सूखे चावल के डिब्बे में 24 घंटे तक रखा जा सकता है।
- चार्जिंग पोर्ट को पूरी तरह सूखने तक चार्जर का उपयोग न करें।
इन गलतियों से बचें
- हेयर ड्रायर या अत्यधिक गर्म हवा का इस्तेमाल न करें।
- फोन को लंबे समय तक तेज धूप में न रखें।
- चार्जिंग पोर्ट में मुंह से फूंक मारने से बचें, क्योंकि इससे नमी और अंदर जा सकती है।
- नमी रहते हुए फोन को चार्ज करने की कोशिश न करें।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि नमी लंबे समय तक बनी रहे या फोन में तकनीकी समस्या आने लगे, तो अधिकृत सर्विस सेंटर से जांच कराना बेहतर विकल्प हो सकता है। इससे मदरबोर्ड और अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों को स्थायी नुकसान से बचाया जा सकता है।
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