म्यांमार के म्यावाडी क्षेत्र में स्थित साइबर क्रिमिनल गिरोहों से 270 भारतीय नागरिकों को बचाकर भारत वापस लाया गया है। गुरुवार(6 नवंबर) को इन्हें थाईलैंड के चियांग माई से भारतीय वायुसेना के विशेष विमान द्वारा हिंडन एयरबेस लाया गया। यह एशिया में साइबर-ट्रैफिकिंग से जुड़े सबसे बड़े एक-दिवसीय रेस्क्यू ऑपरेशनों में से एक माना जा रहा है। लौटने वालों में 26 महिलाएँ भी शामिल हैं।
म्यांमार के म्यावाडी शहर में पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क तेजी से फैला हैं। यहाँ लोगों को फर्जी नौकरी के लालच देकर ले जाया जाता है और फिर उन्हें ऑनलाइन ठगी, विशेषकर ‘पिग-बुचरिंग’ (रोमांस, क्रिप्टो और निवेश धोखाधड़ी का मिश्रित मॉडल) में काम करने के लिए मजबूर किया जाता है। इन स्कैम के जरिए अमेरिका, यूरोप और भारत सहित कई देशों को निशाना बनाया जाता था।
यह रेस्क्यू ऑपरेशन बैंकॉक और यंगून स्थित भारतीय दूतावास, थाई और म्यांमार प्रशासन और भारतीय वायुसेना के समन्वय से चलाया गया था। अक्टूबर के अंत में म्यांमार की जुंटा सेना ने म्यावाडी के कई क्षेत्रों पर कार्रवाई शुरू की, जिससे इन स्कैम सेंटर में अफरा-तफरी मच गई और कई पीड़ित थाईलैंड की ओर भागने में सफल हुए। वहीं से भारत सरकार ने इन्हें सुरक्षित निकाला।
भारत लौटे लोगों की अब पूछताछ की जाएगी। वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार जाँच और पूछताछ का उद्देश्य दंडात्मक नहीं बल्कि रोकथाम का है।अधिकारी ने कहा, “हम इनसे यह समझना चाहते हैं कि ये नेटवर्क कैसे काम करते हैं और लोग इनकी चपेट में कैसे आते हैं। हमारा लक्ष्य यह पता लगाना है कि भविष्य में ऐसे रैकेटों से युवाओं को कैसे बचाया जाए।” जांच एजेंसियाँ यह भी देख रही हैं कि क्या बेरोजगार युवाओं को उच्च वेतन वाली विदेशी नौकरी का झांसा देकर भेजने में भारतीय दलाल या भर्ती एजेंट इन रैकेट्स में शामिल हैं।
MEA अधिकारियों के अनुसार, इन आपराधिक केंद्रों में भारतीयों को लंबे समय तक काम, नियंत्रित आवागमन, और लक्ष्य पूरा न करने पर शारीरिक हिंसा और प्रताड़ना का सामना करना पड़ता था। भारतीय दूतावास ने कहा है कि अभी भी कई भारतीय म्यांमार के ऐसे केंद्रों में फंसे हुए हैं, जिनकी वापसी सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं।
साथ ही, दूतावास ने भारतीय नागरिकों को चेतावनी दी कि विदेशी नौकरी प्रस्तावों की सत्यता अवश्य जाँचें और यह भी याद रखें कि थाईलैंड में वीज़ा-फ्री प्रवेश केवल पर्यटन और अल्प व्यवसाय यात्राओं के लिए है, रोज़गार के लिए नहीं।
यह भी पढ़ें:
“PM मोदी महान व्यक्ति… मैं भारत आऊँगा”
पाकिस्तान: 27वें संविधान संशोधन से असीम मुनीर को मिलेगी औपचारिक सर्वोच्च सत्ता
“‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा की पुकार है।”



