Navratri 2023: शुरू हो रहा है नवरात्रि उत्सव; जेजुरीगाड़ में श्रद्धालुओं की भीड़ !
आज से नवरात्रि उत्सव शुरू हो गया है|नवरात्रि का उत्साह हर तरफ देखा जा सकता है|राज्य में मंदिरों को भी इसी तरह सजाया गया है. जेजुरी के खंडोबा के जेजुरी किले में शारदीय नवरात्रि उत्सव शुरू हो गया है|राज्य के चैरिटी कमिश्नर के हाथों ऐसा करने में गिरावट आई है|श्रद्धालु दर्शन के लिए जेजुरी में प्रवेश कर चुके हैं|
Team News Danka
Updated: Sun 15th October 2023, 07:34 PM
Navratri 2023: Navratri festival is starting from today; Crowd of devotees in Jejurigad!
आज से नवरात्रि उत्सव शुरू हो गया है|नवरात्रि का उत्साह हर तरफ देखा जा सकता है|राज्य में मंदिरों को भी इसी तरह सजाया गया है. जेजुरी के खंडोबा के जेजुरी किले में शारदीय नवरात्रि उत्सव शुरू हो गया है|राज्य के चैरिटी कमिश्नर के हाथों ऐसा करने में गिरावट आई है|श्रद्धालु दर्शन के लिए जेजुरी में प्रवेश कर चुके हैं|आज से नवरात्रि उत्सव शुरू हो गया है| इसलिए हर तरफ उत्साह का माहौल है|नवरात्रि उत्सव के अवसर पर मंदिर को अलग-अलग रंग की मालाओं से सजाया गया है। मंदिर क्षेत्र में विद्युत प्रकाश व्यवस्था की गई है। देवी एवं नारी शक्ति को जागृत किया जा रहा है।
शारदीय नवरात्रि उत्सव के अवसर पर पुणे में महालक्ष्मी देवी मंदिर को सजाया गया है। सुबह से ही मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। परंपरा के अनुसार देवी की स्थापना पूरी कर ली गयी है| इस साल महालक्ष्मी मंदिर को स्वर्ण मंदिर में तब्दील कर दिया गया है| नवरात्र के पहले दिन की विधि-विधान से पूजा भी संपन्न हो गई। इस वर्ष महालक्ष्मी मंदिर दर्शन पुणे की महत्वपूर्ण महिलाओं का सम्मान करेगा। पुणे मेट्रो की सभी महिला अधिकारियों को कल मंदिर प्रशासन की ओर से कर्मचारियों का सम्मान किया जाएगा|
आज से नवरात्रि उत्सव शुरू हो गया है| वाणी के सप्तश्रृंगी किले पर भक्तों की भीड़ देखी जा सकती है, जहां साढ़े तीन शक्तिपीठों में से आधे शक्तिपीठ हैं। संस्थान के अध्यक्ष मुख्य न्यायाधीश द्वारा आभूषण एवं पादुका पूजन का समापन किया गया। कुछ ही देर में पारंपरिक वाद्य यंत्र बजाते हुए देवी की शोभायात्रा निकलेगी। सप्तश्रृंगी देवी की मूर्ति को आभूषणों और वस्त्रों से सजाया गया था। मंदिर संस्थान के अध्यक्ष मुख्य न्यायाधीश बी.जी.वाघ द्वारा देवी की आरती चल रही है|
खेड़ तालुका के कनेरसर में जहां हेमाडपंथी निर्माण स्थित है, कुलदैव यमाई देवी मंदिर में आज घट स्थापना की गई। इसके बाद से ही नवरात्रि पर्व शुरू हो गया है|इस समय देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां देवी के दर्शन के लिए आ रहे हैं|नवरात्रि उत्सव के अवसर पर मंदिर को विभिन्न रंगों की मालाओं से सजाया गया और बिजली से रोशन किया गया।
इस बार देवी को गहनों से सजाया गया है| इसलिए, हर जगह एक भक्तिमय माहौल देखा जा सकता है और किंवदंती यह है कि माहुरगढ़ में साढ़े तीन शक्ति पीठों में से एक, श्री रेणुका देवी, यमाई देवी, को महान संत कन्होराज पाठक ने अपनी भक्ति और रेणुका देवी के साथ कनेरसर गांव में लाया था। यमई माता बन गईं|