इधर, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी राजद और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि राजद अपने ही विधायकों को होटल में बंधुआ मजदूर की तरह रखती है। उन्होंने कहा कि यह तरीका राजद और कांग्रेस की पुरानी राजनीतिक संस्कृति रही है। लोगों को मजदूरों की तरह बुलाकर होटल में रोककर रखना इनकी आदत बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि इससे डर का माहौल बनाया जाता है। अपने ही साथियों को डरा-धमकाकर नियंत्रित रखना महागठबंधन की राजनीति का हिस्सा बन गया है। जदयू के नेता अशोक चौधरी ने कहा कि राजद और कांग्रेस का नेतृत्व ही कमजोर है। वे अपने विधायक को भी संभाल कर नहीं रख सकते हैं। वे लोग अपने विधायक को होटल में बंद करके रखने के बावजूद भाग गए।
उन्होंने कहा कि एनडीए का कोई विधायक भागा क्या, यहां के विधायक घूमते रहे। उन्होंने कहा कि नेतृत्व को ही अपने विधायक पर भरोसा नहीं है। ऐसे में तो विधायक चले ही जाएंगे। बताया जा रहा है कि महागठबंधन के चार विधायक मतदान के लिए विधानसभा नहीं पहुंचे। इनमें राजद के एक विधायक और कांग्रेस के तीन विधायक शामिल हैं।
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