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नक्सल हिंसा: पिछले 12 वर्षों में नक्सली हिंसा में 77 प्रतिशत की कमी हुई

झारखंड में सुरक्षा की स्थिति में काफी सुधार हुआ है।2009 में झारखंड में नक्सली हिंसा की घटनाओं की संख्या 742 थी। 2022 में यह संख्या घटकर 132 रह जाती है। यानी इन घटनाओं में 82 ​प्रतिशत की कमी आई।

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पिछले 12 वर्षों में, भारत में नक्सली हिंसा में 77 प्रतिशत की भारी कमी आई है। यही नहीं, पिछले 12 वर्षों में नक्सली हिंसा से होने वाली मौतों की संख्या में भी 90 प्रतिशत की कमी आई है| केंद्रीय गृहराज्य मंत्री नित्यानंद राय ने मंगलवार को लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के मुताबिक, पिछले 12 सालों में नक्सली हिंसा में काफी कमी आई है| 2010 में देश में नक्सली हिंसा की 1005 घटनाएं दर्ज की गईं। 2022 के आंकड़ों के अनुसार, देश के 45 जिलों के केवल 176 पुलिस थानों में संबंधित हिंसा दर्ज की गई है।
​नक्सलवाद को कम करने के लिए सरकार द्वारा सुरक्षा संबंधी (SRE) योजना लागू की गई थी। इस योजना के परिणामस्वरूप नक्सली हिंसा में कमी आई है। 2010 में, देश के 126 जिलों को एसआरई योजना के तहत शामिल किया गया था।
गौरतलब है कि झारखंड में सुरक्षा की स्थिति में काफी सुधार हुआ है।2009 में झारखंड में नक्सली हिंसा की घटनाओं की संख्या 742 थी। 2022 में यह संख्या घटकर 132 रह जाती है। यानी इन घटनाओं में 82 ​प्रतिशत की कमी आई।
​​केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि ​बुरहा पहाड़, पश्चिमी सिंहभूम के ट्राई जंक्शन, सरायकेला-खरसावां, खूंटी और पारसनाथ की पहाड़ियों को नक्सली हिंसा से मुक्त कर दिया गया है। इस इलाके में माओवादियों ने कैंप बना रखे थे. हालांकि, सुरक्षा बलों ने समय-समय पर ऑपरेशन चलाकर उनके प्रयासों को विफल कर दिया​|​
 
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