नेपाल इस समय राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। राजधानी काठमांडू समेत कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन, आगजनी, तोड़फोड़ और पथराव की घटनाओं ने हालात बेहद तनावपूर्ण बना दिए हैं। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा है, वहीं राष्ट्रपति पौडेल के निजी आवास पर कब्जा कर लिया गया है। कई मंत्रियों के घरों पर हमले हुए और कुछ ने पद छोड़ दिया। ऐसे अस्थिर माहौल में अब सवाल यह उठ रहा है कि देश की अस्थाई बागडोर किसके हाथ में जाएगी। संवैधानिक प्रावधानों के तहत ऐसी स्थिति में यह जिम्मेदारी नेपाली सेना प्रमुख को सौंपी जा सकती है। यही कारण है कि मौजूदा चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ, जनरल अशोक राज सिगडेल का नाम चर्चा के केंद्र में है।
प्रभावी नेतृत्व और रणनीतिक सोच
जनरल अशोक राज सिगडेल को नेपाल की सबसे प्रभावशाली सैन्य हस्तियों में गिना जाता है। उनकी नेतृत्व क्षमता, दूरदर्शी दृष्टिकोण और रणनीतिक सूझ-बूझ ने उन्हें खास पहचान दी है। वे आंतरिक सुरक्षा, सीमा विवाद और आपदा प्रबंधन जैसे संवेदनशील मुद्दों पर निर्णायक भूमिका निभा चुके हैं। यही कारण है कि आज की अस्थिर परिस्थिति में उनके हाथों में देश की कमान सौंपने की संभावना पर जोर दिया जा रहा है।
1 फरवरी 1967 को नेपाल में जन्मे सिगडेल ने सैन्य शिक्षा पूरी करने के बाद लगातार अपनी काबिलियत के दम पर पदोन्नति हासिल की। लंबे अनुभव और प्रतिष्ठा की वजह से 9 सितंबर 2024 को उन्होंने राष्ट्रपति से नेपाली सेना प्रमुख पद की शपथ ली। वे जनरल प्रभु राम शर्मा के उत्तराधिकारी बने, जिन्होंने भारत और नेपाल के रक्षा सहयोग को नई दिशा दी थी।
भारत से गहरे संबंध
जनरल सिगडेल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खासे सक्रिय माने जाते हैं। दिसंबर 2024 में उन्होंने भारत का चार दिवसीय दौरा किया, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें भारतीय सेना के जनरल की मानद उपाधि से सम्मानित किया। इस यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात भारतीय रक्षा मंत्री और शीर्ष रक्षा अधिकारियों से हुई, जिससे भारत-नेपाल संबंधों में नई ऊर्जा का संचार हुआ। भारत ने नेपाल को रक्षा उपकरण, सैन्य प्रशिक्षण और मेडिकल किट की आपूर्ति भी की।
नेपाल में बढ़ते राजनीतिक अस्थिरता और हिंसक प्रदर्शनों के बीच यह कयास लगाए जा रहे हैं कि देश की अस्थाई कमान अब सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिगडेल को सौंपी जा सकती है। उनके अनुभव, अंतरराष्ट्रीय संपर्क और नेतृत्व शैली को देखते हुए वे मौजूदा हालात से निपटने के लिए सबसे मजबूत विकल्प माने जा रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में नेपाल की राजनीतिक दिशा काफी हद तक जनरल सिगडेल की भूमिका और फैसलों पर निर्भर कर सकती है।
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