नेपाल में भ्रष्टाचार और सत्ताधारी वर्ग के खिलाफ भड़के जन-ज़ी आंदोलन ने मंगलवार (9 सितंबर)को नया मोड़ ले लिया, जब प्रदर्शनकारियों ने पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा और उनकी पत्नी, विदेश मंत्री डॉ. अर्जु राणा देउबा के घर पर हमला कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल एक नाटकीय वीडियो में दिख रहा है कि किस तरह गुस्साई भीड़ ने डॉ. देउबा को धक्का दिया, लात-घूंसों से मारा और खींचा-तान किया। अफरा-तफरी के बीच कुछ प्रदर्शनकारियों ने उन्हें ढाल बनाकर आगे के हमले से बचाने की भी कोशिश की।
❗️ Nepal’s Former PM Sher Bahadur Deuba and His Wife – Current FM Arzu Rana Deuba – Left Bloodied & Dazed amid Mass Protests#Kathmandu #Nepal pic.twitter.com/LFVsJ52WFc
— RT_India (@RT_India_news) September 9, 2025
तीसरे दिन भी हिंसा बरकरार
नेपाल में लगातार तीसरे दिन जारी इस विरोध-आंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया है। गुस्साई भीड़ ने संसद भवन को आग के हवाले कर दिया, सरकारी इमारतों में तोड़फोड़ की और प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति कार्यालय तक को निशाना बनाया। कई जगहों पर सेना और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं। अब तक की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, कम से कम 22 लोगों की मौत हो चुकी है और 300 से अधिक घायल हैं।
this is nepal's parliament. some people in india are wishing this to happen here as well. what kind of sick and perverted mentality makes you craves for chaos?
fir inko desh virodhi bolo toh inhe mirchi lagti hain. pic.twitter.com/yzI89zqvGY
— Open Letter (@openletteryt) September 9, 2025
ओली का इस्तीफा, सेना का नियंत्रण
लगातार बढ़ते जन दबाव और हिंसा के बीच प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने मंगलवार को इस्तीफा दे दिया। इसके बाद हालात और बिगड़ गए। नेपाल सेना ने राजधानी काठमांडू और कई संवेदनशील स्थानों पर नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और सिंहदरबार (सरकारी सचिवालय) की सुरक्षा सेना ने संभाल ली है। भीड़ ने एयरपोर्ट पर घुसने की कोशिश की, जिससे उड़ान सेवाएं बाधित हुईं।
भारत सतर्क, लगातार संपर्क में
जानकारी के अनुसार, भारत का विदेश मंत्रालय, खुफिया एजेंसियां और सेना नेपाल की सेना से लगातार संपर्क में हैं। भारत इस बात पर कड़ी नजर रखे हुए है कि नेपाल की इस उथल-पुथल में कोई भारत विरोधी भावना न पनपे।
नेपाल के सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिगडेल ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए संयम की अपील की। उन्होंने कहा, “हम जनता से अपील करते हैं कि वे हिंसा छोड़कर संवाद का रास्ता अपनाएं। हमें राजधानी और अन्य जिलों में शांति बहाल करनी है, सार्वजनिक व निजी संपत्ति की रक्षा करनी है और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी है।” नेपाल का यह संकट न केवल देश की आंतरिक राजनीति को हिला रहा है, बल्कि भारत समेत पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता पर असर डाल सकता है।
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