नेपाल के दक्षिणी हिस्सों में 4 जनवरी के बाद से सांप्रदायिक तनाव गहराता जा रहा है। खास तौर पर भारत सीमा से सटे जिलों में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। तनाव की शुरुआत धनुषा जिले की कमला नगरपालिका में दो मुस्लिम युवकों द्वारा सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं के अपमान करने वाले रील अपलोड करने के चलते हुई। इन रील्स पर स्थानीय हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत किया गया था, जिसके बाद विवाद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से निकलकर सड़कों तक पहुंच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हैदर अंसारी और अमानत अंसारी नामक दो युवकों द्वारा डाली गई रीलों को लेकर इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन वीडियो में की गई टिप्पणियां बेहद आपत्तिजनक थीं और इससे लंबे समय से बनी सामुदायिक शांति को नुकसान पहुंचा। बढ़ते विरोध के बीच लोगों ने दोनों युवकों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया और सख्त कार्रवाई की मांग की।
हालांकि, युवकों की गिरफ्तारी के बाद भी हालात शांत नहीं हुए। कमला नगरपालिका के सखुवा मरन इलाके में एक मस्जिद में तोड़फोड़ की घटना सामने आई, जिसने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया। इसके बाद धनुषा जिले से निकलकर विरोध प्रदर्शन परसा जिले तक फैल गए। कई कस्बों और गांवों में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए, जिससे प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था की चुनौती खड़ी हो गई।
हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने वाली रीलें ही पूरे विवाद की जड़ हैं और मस्जिद में तोड़फोड़ की घटना ने समुदायों के बीच डर और अविश्वास को और बढ़ा दिया। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए।
तनाव ने भारत-नेपाल सीमा के नजदीक स्थित प्रमुख व्यावसायिक शहर बीरगंज में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पों के बाद हिंसक रूप ले लिया है। पुलिस पर भी पथराव हुआ और एक स्थानीय पुलिस थाने में तोड़फोड़ की गई। हालात बिगड़ते देख दुकाने बंद की गई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। हिंसा बढ़ने के बाद परसा जिला प्रशासन ने बीरगंज में कर्फ्यू लागू कर दिया। सुरक्षा एजेंसियां हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
बीरेगंज की भारतीय सीमा के शहर रक्सौल से निकटता को देखते हुए भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। संभावित असर को रोकने के लिए भारत ने भारत-नेपाल सीमा को सील कर दिया है। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने आम नागरिकों की आवाजाही पर रोक लगा दी है और केवल आपात सेवाओं को अनुमति दी जा रही है।
मैत्री पुल पर सघन जांच की जा रही है, जहां हर व्यक्ति और वाहन की गहन तलाशी ली जा रही है। डॉग स्क्वॉड की तैनाती भी की गई है। सहदेवा, महादेवा, पंतोका, सिवान टोला और मुशरवा जैसे संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक सीमा पर कड़ी निगरानी जारी रहेगी।
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