ओडिशा के अंगुल (अनुगुल) जिले से निकले साधारण से दिखने वाले नींबू अब अमेरिका की थालियों तक पहुंच चुके हैं। इस महीने तीन चरणों में लगभग एक लाख नींबू अमेरिका को निर्यात किए गए। यह पहल किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं, क्योंकि जो नींबू पहले 20 से 30 पैसे प्रति नग बिकते थे, अब वही नींबू किसानों को एक रुपये प्रति नग का दाम दिला रहे हैं। इसके पीछे है ORMAS (Odisha Rural Development and Marketing Society) और क्रॉपिफाई (Cropify) नामक किसान उत्पादक कंपनी का संयुक्त प्रयास।
अंगुल जिले के छेन्दीपाड़ा ब्लॉक के ओगी गांव से यह नींबू पहली बार बड़े पैमाने पर निर्यात किए गए। ORMAS अधिकारियों के अनुसार, पहला खेप 7 अगस्त को 26,000 नींबुओं के साथ अमेरिका भेजा गया। पहले किसान 100 नींबू के बदले महज 20–30 रुपये पाते थे। अब किसान उत्पादक कंपनी उन्हें 100 रुपये प्रति सौ नींबू का दाम दे रही है, जिससे उनकी कमाई तीन से चार गुना तक बढ़ गई है।
नींबू के साथ-साथ अब उनसे बने जूस, आचार और स्क्वैश जैसे वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट भी तैयार किए जा रहे हैं, जिनसे किसानों की अतिरिक्त आय सुनिश्चित होगी। नींबू उत्पादक किसान बिपिन साहू ने कहा, “पहले सालभर में नींबू बेचकर मुश्किल से 20 से 30 हजार रुपये ही कमा पाता था। इस साल तो नींबू के पेड़ काटकर दूसरी फसल लगाने की सोच रहा था। लेकिन ORMAS की मदद से नींबू बेचने के बाद अब अच्छे मुनाफे की उम्मीद है। पहले खराब दामों के कारण हम नींबू तोड़ते ही नहीं थे, अब ऐसा नहीं होगा।”
एक अन्य किसान, तुनिया साहू ने बताया, “पहले व्यापारी हमें सिर्फ 20 पैसे प्रति नींबू देते थे। तोड़ाई की लागत ज्यादा पड़ने से नींबू पेड़ों पर ही सड़ जाते थे। लेकिन अब सरकार की मदद से हमें 1 रुपये प्रति नींबू मिल रहा है। हम चाहते हैं कि आगे यह दाम 1.50 रुपये प्रति नींबू किया जाए।”
ORMAS के डिप्टी सीईओ बिमन मल ने कहा, “हम नींबू का निर्यात कर रहे हैं और किसानों को इसका बड़ा फायदा मिल रहा है। हाल ही में करीब 30,000–40,000 नींबू भेजे गए हैं। साथ ही नींबू का जूस, खट्टा और कई अन्य उत्पाद भी बनाए जा रहे है। अंगुल के नींबू की यह अंतरराष्ट्रीय उड़ान न सिर्फ किसानों की आय में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है, बल्कि यह ओडिशा को वैश्विक कृषि बाजार में एक नए पहचान के साथ स्थापित कर रही है। पहले जो नींबू औने-पौने दामों पर बिकते थे या पेड़ों पर ही सड़ जाते थे, अब वही नींबू किसानों को खुशहाली और नई उम्मीदें दे रहे हैं।
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