चक्रवात दित्वाह से तबाह हुए श्रीलंका के लिए भारत ने एक बार फिर पड़ोसी पहले (नेबरहुड फर्स्ट) नीति का परिचय देते हुए व्यापक मानवीय सहायता अभियान शुरू कर दिया है। शनिवार (29 नवंबर को) ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत भारतीय वायुसेना का C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान 12 टन राहत सामग्री लेकर कोलंबो पहुँचा। यह 24 घंटे में दूसरी बड़ी सहायता है, जबकि भारतीय नौसेना के INS विक्रांत और INS उदयगिरि पहले ही खाद्य सामग्री और आवश्यक सामान पहुंचा चुके हैं।
चक्रवात दित्वाह 29 नवंबर को उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए श्रीलंका से निकल गया, लेकिन अपने पीछे भारी तबाही छोड़ गया। देश के कई पहाड़ी और चाय उत्पादन वाले जिले बदुल्ला और नुवारा एलिया में भूस्खलन और बाढ़ ने 56 लोगों की जान ले ली, 14 घायल हुए, जबकि 21 लोग लापता हैं। लगभग 44,000 लोग प्रभावित, 600 से अधिक घर क्षतिग्रस्त और कई सड़कें व पुल ध्वस्त हो चुके हैं। भारी बारिश के चलते कई जलाशय और निचले इलाक़े पूरी तरह डूब गए, जिससे 43,000 से ज़्यादा लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बताया कि भारत द्वारा भेजी गई दूसरी इस खेप में टेंट, तिरपाल, कंबल, स्वच्छता किट और रेडी-टू-ईट भोजन शामिल है। नौसेना के दो युद्धपोतों ने एक दिन पहले ही 4.5 टन ड्राई राशन, 2 टन ताज़ा खाना और अन्य आवश्यक सामग्री श्रीलंका को सौंप दी थी।
भारतीय उच्चायोग ने संदेश जारी करते हुए कहा, “ऑपरेशन सागर बंधु चल रहा है… भारत श्रीलंका के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है।”
भारत ने श्रीलंका के प्रभावित इलाके विशेषकर बदुल्ला और नुवारा एलिया में मदद के लिए NDRF की दो खास टीमें (80 कर्मी और 4 खोजी डॉग स्क्वाड) भेजी हैं। ये टीमें IL-76 विमान से हिण्डन एयर बेस से रवाना हुईं और इनके साथ रबर बोट, हाइड्रॉलिक टूल्स, कम्युनिकेशन सेट, मेडिकल किट जैसी उन्नत बचाव सामग्री शामिल है।
भारत में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। तमिलनाडु के तटीय जिले विलुप्पुरम, नागपट्टिनम, तंजावुर, तिरुवरूर, पुदुकोट्टई, मयिलादुथुरै, चेंगलपट्टू, तिरुवल्लूर में NDRF की 14 टीमें तैनात की गई हैं, जबकि अतिरिक्त बल पुडुचेरी और चेन्नई में भेजे जा रहे हैं।
चक्रवात दित्वाह फिलहाल चेन्नई से 430 किमी दक्षिण में है और 30 नवंबर तक उत्तर तमिलनाडु–पुडुचेरी तट की ओर बढ़ रहा है। IMD ने कई जिलों में बहुत भारी बारिश, तेज़ हवाओं (60 किमी/घंटा तक) और समुद्री उफान की चेतावनी दी है। कोलंबो एयरपोर्ट पर फंसे 300 भारतीय यात्री, जिनमें लगभग 150 तमिलनाडु के निवासी हैं, तीन दिनों से उड़ानों के ठप होने के चलते परेशान हैं। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने भारतीय दूतावास से समन्वय कर समाधान की मांग की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर श्रीलंका के सभी प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की और कहा कि भारत नेबरहुड फर्स्ट और विजन महासागर के तहत किसी भी आवश्यक मदद के लिए तत्पर है। श्रीलंका वर्तमान में अपनी सबसे भीषण प्राकृतिक आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है और भारत, हमेशा की तरह, सबसे पहले मदद करने वालों में खड़ा है।
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