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Sunday, July 12, 2026
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कलबुर्गी हॉस्टल का खाना खाने से 45 से ज्यादा छात्र बीमार!

छात्रों ने पेट में तेज दर्द, मरोड़ और लगातार उल्टी होने की शिकायत की। देखते ही देखते करीब 45 से ज्यादा छात्र बीमारी हो गए।

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कर्नाटक के कलबुर्गी जिले के चित्तापुर तालुक स्थित डंडोती गांव में एक हॉस्टल के करीब 45 से ज्यादा छात्र रात का खाना खाने के बाद बीमार हो गए। घटना मोरारजी देसाई आवासीय हॉस्टल की है, जहां कक्षा 6 से 10 तक के छात्र रहते हैं। खाना खाने के कुछ घंटों बाद छात्रों को पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी, जिसके बाद हॉस्टल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

जानकारी के मुताबिक, हॉस्टल के मेस में गुरुवार रात छात्रों को चावल और सांभर दिया गया था। भोजन करने के बाद कई छात्रों की अचानक तबीयत बिगड़ने लगी। छात्रों ने पेट में तेज दर्द, मरोड़ और लगातार उल्टी होने की शिकायत की। देखते ही देखते करीब 45 से ज्यादा छात्र बीमारी हो गए।

स्थिति गंभीर होने पर हॉस्टल प्रबंधन ने तुरंत स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी दी। इसके बाद बीमार छात्रों को इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इनमें 35 से ज्यादा छात्रों को चित्तापुर तालुक अस्पताल और 5 छात्रों को मल्खेड अस्पताल और एक छात्र को डंडोती अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कई छात्रों का प्राथमिक उपचार डंडोती प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी किया गया।

घटना की सूचना मिलने के बाद कलबुर्गी जिले के उपायुक्त इकरामउल्ला शरीफ और जिला स्वास्थ्य अधिकारी (डीएचओ) शरणबसप्पा मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। इसके अलावा माइनॉरिटी विभाग के जिला अधिकारी संगमेश ने भी हॉस्टल का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

प्रारंभिक जांच में छात्रों के बीमार होने की वजह दूषित पानी या खराब गुणवत्ता वाले भोजन को माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि हॉस्टल में छात्र एक टैंकर के पानी का इस्तेमाल कर रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि दूषित पानी पीने या भोजन में किसी तरह की गड़बड़ी के कारण छात्रों की तबीयत खराब हुई।

घटना के बाद बड़ी संख्या में अभिभावक हॉस्टल पहुंच गए और अपने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई। प्रशासन ने छात्रों की हालत पर नजर रखने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में भर्ती छात्रों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

अधिकारियों ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है। पानी और भोजन के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच कराई जा सकती है, ताकि छात्रों के बीमार होने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

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