दोनों ने आईएएनएस से बातचीत में सतेंद्र के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया कि उनके साथ किसी तरह की मारपीट, बदसलूकी या गलत व्यवहार नहीं हुआ। उनका कहना है कि उनके पास अपनी बात साबित करने के लिए दस्तावेज और अन्य सबूत मौजूद हैं और वे इस मामले में कानूनी कार्रवाई भी करेंगे।
आईएएनएस से बातचीत में निर्देशक पुष्पेंद्र सिंह ने कहा, “सतेंद्र सोनी के सभी आरोप पूरी तरह गलत हैं। फिल्म की पूरी टीम ने उनको वही सम्मान और सुविधाएं दीं, जो किसी भी कलाकार को दी जाती हैं।
पुष्पेंद्र सिंह ने कहा, ”शूटिंग के चौथे और पांचवें दिन से सतेंद्र सोनी ने पूरी पेमेंट की मांग शुरू कर दी और कहा कि अगर उन्हें पूरा पैसा नहीं मिला तो वे शूटिंग नहीं करेंगे। मैंने सतेंद्र को समझाया कि अगली पेमेंट की तारीख अभी नहीं आई है और भुगतान तय समय पर कर दिया जाएगा।
निर्देशक ने आगे बताया, ”मैंने मामला शांत करने के लिए अलग से पैसे की व्यवस्था करने की भी कोशिश की थी, लेकिन इसी बीच सतेंद्र ने अपना फोन बंद कर दिया और होटल से चेकआउट करके चले गए।
पुष्पेंद्र सिंह ने कहा, ”विवाद बढ़ने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ था और उस समझौते की कॉपी मेरे पास मौजूद है। अगर असल में सतेंद्र के साथ मारपीट या बदसलूकी हुई होती तो उसी समय पुलिस मेरे खिलाफ कार्रवाई करती।
फिल्म की लीड एक्ट्रेस प्रगति चौहान ने भी सतेंद्र सोनी के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने आईएएनएस से कहा, ”मैंने भी इस प्रोजेक्ट में अपना पैसा लगाया है। मैं इस मामले की गवाह हूं। सतेंद्र सोनी, श्रीधर दुबे और पंकज शर्मा के साथ किसी तरह की मारपीट या गलत व्यवहार नहीं हुआ।
प्रगति का आरोप है कि बातचीत के दौरान अभिनेता श्रीधर दुबे ने उनके साथ बदसलूकी की। उस समय मौजूद ड्राइवर ने पुलिस के सामने बयान दिया था कि कलाकारों के साथ किसी तरह की मारपीट नहीं हुई।
इससे पहले अभिनेता सतेंद्र सोनी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि उन्हें फिल्म ‘पेड पालकी’ का पूरा मेहनताना नहीं दिया गया। उन्होंने दावा किया था कि उनके साथ मारपीट की गई, जान से मारने की धमकी दी गई और जबरन कार में बैठाने की कोशिश की गई। इस वीडियो के वायरल होने के बाद ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (एआईसीडब्ल्यूए) ने मध्य प्रदेश सरकार से मामले में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
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