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Wednesday, January 21, 2026
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भारत के ‘त्रिशूल’ युद्धाभ्यास से घबराया पाकिस्तान, हवाई क्षेत्र पर लगाई पाबंदी

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भारत की सीमा के पास होने जा रहे त्रिशूल (Trishul) त्रि-सेवा (थ्री सर्विसेज) सैन्य अभ्यास से पहले पाकिस्तान में हलचल मच गई है। इस्लामाबाद ने अपने मध्य और दक्षिणी हवाई क्षेत्र के कई हिस्सों में हवाई मार्गों पर प्रतिबंध लगा दिया है। भारत ने सर क्रीक क्षेत्र में 30 अक्टूबर से 10 नवंबर के तक बड़े पैमाने पर त्रिशूल युद्धाभ्यास के लिए NOTAM (Notice to Airmen) जारी कर चूका है, जिससे पाकिस्तान में भय का माहौल बना हुआ है।

हालाँकि पाकिस्तान ने अपने 28-29 अक्टूबर के लिए जारी किए गए इस नोटम (वायुसैनिकों को नोटिस) का कोई कारण नहीं बताया है, लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि यह किसी सैन्य अभ्यास या संभावित हथियार परीक्षण से जुड़ा हो सकता है। यह कदम भारत की सीमा पर होने वाले त्रिशूल अभ्यास से पहले उठाया गया है, अर्थात इस्लामाबाद भारत की सैन्य तैयारियों पर बारीकी से नजर रखे हुए है।

भारत और पाकिस्तान के बीच इस तरह की शैडो मिलिट्री एक्शन नया नहीं है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों द्वारा सीमा के पास सैन्य अभ्यासों और NOTAM जारी करने की घटनाएं आम हो चुकी हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की सशस्त्र सेनाओं ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान की सीमा के अंदर नौ आतंकवादी ठिकानों को तबाह किया था और 11 सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए थे।

उपग्रह विश्लेषक डेमियन साइमॉन द्वारा साझा की गई सैटेलाइट तस्वीरों के अनुसार, त्रिशूल अभ्यास के लिए निर्धारित हवाई क्षेत्र की ऊंचाई 28,000 फीट तक जाती है।  जो इसे हाल के वर्षों के सबसे बड़े संयुक्त परिचालन अभ्यासों में से एक बनाती है। साइमॉन ने कहा कि चयनित क्षेत्र और अभियान का पैमाना “असामान्य” है।

भारत के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि यह अभ्यास थलसेना, नौसेना और वायुसेना की संयुक्त परिचालन क्षमता, ‘आत्मनिर्भरता’ (Atmanirbharta) और नवाचार को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
मंत्रालय के बयान में कहा गया, “सदर्न कमांड की टुकड़ियां विविध और चुनौतीपूर्ण इलाकों में संयुक्त अभियानों को मान्य करेंगी, जिनमें क्रीक और रेगिस्तान क्षेत्रों में आक्रामक संचालन, सौराष्ट्र तट पर उभयचर (amphibious) ऑपरेशन और बहु-डोमेन संयुक्त युद्धाभ्यास शामिल हैं।”

भारत इस अभ्यास को गुजरात-सिंध सीमा के पास सर क्रीक क्षेत्र में आयोजित कर रहा है। यह वही क्षेत्र है जिसके बारे में कुछ दिन पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था, “अगर पाकिस्तान ने सर क्रीक सेक्टर में कोई दुस्साहस किया, तो जवाब इतना कड़ा होगा कि इतिहास और भूगोल दोनों बदल जाएंगे।”

सर क्रीक 96 किलोमीटर लंबा, दलदली और निर्जन क्षेत्र है, जो गुजरात और पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बीच स्थित है। इस पर नियंत्रण से समुद्री मार्गों तक पहुंच प्रभावित होती है, जिससे यह क्षेत्र भारत की सुरक्षा रणनीति के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण बन जाता है।

सूत्रों के अनुसार, हाल के महीनों में पाकिस्तान ने सर क्रीक क्षेत्र में अपने सैन्य बुनियादी ढांचे का विस्तार तेज़ कर दिया है, जिसके चलते भारतीय खुफिया एजेंसियों ने सरकार को सतर्क किया था। विश्लेषकों का कहना है कि भारत के इस त्रि-सेवा अभ्यास ने पाकिस्तान की सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व को नर्वस (rattled) कर दिया है। पाकिस्तान द्वारा हवाई क्षेत्र पर लगाई गई अस्थायी पाबंदी यह दिखाती है कि वह भारत के हर कदम पर पैनी निगाह रख रहा है।

दूसरी ओर, भारत इस अभ्यास के ज़रिए यह स्पष्ट संदेश देना चाहता है कि वह किसी भी संभावित चुनौत— चाहे वह स्थलीय, समुद्री या हवाई मोर्चे पर क्यों न हो के लिए पूरी तरह तैयार है।

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