भविष्य में ईरान, अफ़ग़ान और भारत के एक होने से पाकिस्तानी रक्षा मंत्री चिंतित

भविष्य में ईरान, अफ़ग़ान और भारत के एक होने से पाकिस्तानी रक्षा मंत्री चिंतित

Pakistan's defense minister worried about future integration of Iran, Afghanistan and India

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने क्षेत्रीय हालात को लेकर चिंता में लगे है। मंगलवार(3 मार्च 2026) को दिए गए बयान में उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान को अस्थिर करने के लिए एक ‘जियोनिस्ट साजिश’ की जा रही है, जिसका उद्देश्य भारत, अफगानिस्तान और संभावित शासन परिवर्तन के बाद ईरान के बीच एक शत्रुतापूर्ण धुरी (Axis) बनाना है।

आसिफ ने आरोप लगाया कि तेहरान के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाई का मकसद इजरायल के प्रभाव को सीधे पाकिस्तान की पश्चिमी सीमाओं तक विस्तार देना है। आसिफ के अनुसार यदि मौजूदा ईरानी नेतृत्व को हटाया जाता है, तो इस्लामाबाद के पड़ोसी देशों के बीच ‘सिंगल पॉइंट अजेंडा’ के तहत पाकिस्तान विरोधी रुख उभर सकता है, जिससे देश चारों ओर से विरोधी ताकतों से घिर जाएगा।

ज्ञात हो की, पाकिस्तान और तालिबान-नेतृत्व वाली अफगान सरकार के बीच तनाव चरम पर है। इस्लामाबाद के अधिकारियों ने हालात को युद्ध की संज्ञा दी है। रक्षा मंत्री ने आशंका जताई कि नई दिल्ली, काबुल और भविष्य की तेहरान सरकार के बीच संभावित सामंजस्य पाकिस्तान को जागीरदार राज्य में बदलने की दिशा में काम कर सकता है। ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तान की 25 करोड़ जनता से राजनीतिक और धार्मिक मतभेदों से ऊपर उठकर सतर्क रहने की अपील की।

इस बीच, ज़मीन पर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अफ़गानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) ने मंगलवार को बताया कि 26 फरवरी से 2 मार्च के बीच सीमा पार झड़पों और पाकिस्तानी हवाई हमलों में अफगानिस्तान में कम से कम 42 नागरिक मारे गए और 104 घायल हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने यह भी कहा कि हिंसा के कारण सीमा प्रांतों में लगभग 16,400 परिवार विस्थापित हो चुके हैं। ये आंकड़े प्रारंभिक बताए गए हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, इस सप्ताह पाकिस्तानी बलों ने पहली बार तालिबान सरकार के ठिकानों को सीधे निशाना बनाते हुए एयर-टू-ग्राउंड मिसाइलों का उपयोग किया, जो पहले केवल गैर-राज्य उग्रवादी ठिकानों तक सीमित था। पाकिस्तान का कहना है कि यह कार्रवाई उसके क्षेत्र में हमले करने वाले विद्रोहियों को कथित समर्थन के जवाब में की गई है। वहीं, अफगान रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसने कई पाकिस्तानी सीमा चौकियों पर कब्जा किया और ड्रोन तकनीक से रावलपिंडी तथा क्वेटा स्थित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।

क्षेत्रीय परिदृश्य को और जटिल बनाते हुए, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच इज़राइल और अमेरिका द्वारा ईरानी क्षेत्र में हमले किए गए हैं। पाकिस्तान ने आधिकारिक रूप से तेहरान के साथ एकजुटता व्यक्त की है और इससे पहले आसिफ ज़ायोनिजम के खिलाफ मुस्लिम एकता की अपील कर चुके हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि रक्षा मंत्री की ताजा टिप्पणियां इस आशंका को दर्शाती हैं कि बदलते क्षेत्रीय समीकरण पाकिस्तान को रणनीतिक रूप से अलग-थलग कर सकते हैं। दक्षिण एशिया और पश्चिम एशिया के इस बहु-स्तरीय तनाव ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को अत्यंत संवेदनशील बना दिया है।

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