आसाम विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस ने मंगलवार (3 मार्च) को 42 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी कर दी। सूची में सबसे चर्चित नाम जोरहाट लोकसभा सांसद गौरव गोगोई का है, जो पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। वह जोरहाट विधानसभा सीट से मैदान में उतरेंगे। वरिष्ठ नेता रिपुन बोरा को बरछल्ला से टिकट दिया गया है। उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही आसाम में संभावित विपक्षी गठबंधन की चर्चा पर विराम लग चूका है। जिन सीटों पर राइजर दल और आसाम जातीय परिषद दावा कर रही थी, वहां कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं।
गौरव गोगोई वर्तमान में लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता और असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं। उम्मीदवार घोषित होने के बाद उन्होंने एक्स पर आभार जताते हुए पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सीपीपी चेयरपर्सन सोनिआ गांधी , लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा,”मैं जोरहाट लोकसभा के लोगों का आभारी हूं, जिनके बिना मैं इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाता।
पार्टी ने सिलचर से अभिजीत पॉल, माजुली से इंद्रनील पेगु और दिसपुर से मीरा बोरठाकुर गोस्वामी को उम्मीदवार बनाया है। सूची में कई राजनीतिक परिवारों के सदस्य भी शामिल हैं। कांग्रेस सांसद रकीबुल हुसैन के पुत्र तंजील हुसैन को सामगुरी से टिकट मिला है। सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के पुत्र प्रतीक को मार्घेरिटा से और पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन सिंह घटोवार के पुत्र प्रांजल को चाबुआ-लाहोवाल से उम्मीदवार बनाया गया है।
इसके अलावा गिरिश बरुआ (बोंगाईगांव), महानंद सरकार (बरपेटा-एससी), रमेन सिंह राभा (बोको-चायगांव-एसटी), नंदिता दास (हाजो-सुआलकुची-एससी), सत्यब्रत कलिता (कमलपुर), अशोक कुमार शर्मा (नलबाड़ी) और रतुल पाटवारी (तिहू) समेत कई अन्य नाम शामिल हैं।
उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही असम में संभावित विपक्षी गठबंधन की चर्चा पर विराम लग गया है। जिन सीटों पर राइजर दल और असम जातीय परिषद दावा कर रहे थे, वहां कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं। राइजर दल के प्रमुख अखिल गोगोई ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि कांग्रेस ने वार्ता जारी रहने के बावजूद एकतरफा फैसला लिया है।
वर्तमान विधानसभा में राइजर दल के पास केवल एक विधायक है, जबकि लुरिनज्योति गोगोई के नेतृत्व वाली आसाम जातीय परिषद के पास कोई विधायक नहीं है।
126 सदस्यीय असम विधानसभा के लिए चुनाव मार्च या अप्रैल 2026 में संभावित हैं, हालांकि भारत निर्वाचन आयोग ने अभी आधिकारिक तिथि घोषित नहीं की है। वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए के पास बहुमत है। भाजपा के 64 विधायक हैं और उसे एजीपी, यूपीपीएल और बीपीएफ का समर्थन प्राप्त है। 2021 के चुनाव में भाजपा गठबंधन ने 75 सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखी थी, जबकि कांग्रेस गठबंधन को 50 सीटें मिली थीं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा-एजीपी गठबंधन लगभग 100 बहुल सीटों पर मजबूत स्थिति में है। ऐसे में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का ध्यान सीमित सीटों पर केंद्रित है, जो संभावित गठबंधन की राह में बड़ी बाधा बना। कांग्रेस की पहली सूची ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी इस बार अपने दम पर चुनावी मुकाबला करने की रणनीति अपना रही है।
यह भी पढ़ें:
सेंसेक्स 1,500 अंक टूटा: आज शेयर बाजार में बड़ी गिरावट क्यों?
तेहरान में खामेनेई की याद में तीन दिन की शोक सभा का आयोजन!
राज्यसभा के लिए भाजपा के उम्मीदवार तय, चार नामों की घोषणा
इजरायल के विदेश मंत्री बोले, ‘खामेनेई के वारिस को भी हम खत्म कर देंगे’!



