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Monday, July 27, 2026
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‘पीएम मोदी ने अनाहत की ऐतिहासिक जीत पर दी बधाई, सराहा!

अनाहत सिंह पर गर्व है कि उन्होंने गोल्ड मेडल जीता और वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी बनीं। यह उपलब्धि युवाओं के बीच स्क्वैश को और लोकप्रिय बनाएगी।"

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18 वर्षीय अनाहत सिंह ने शनिवार को इतिहास रच दिया। अनाहत ‘वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप’ का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बन गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ‘ऐतिहासिक उपलब्धि’ बताते हुए भरोसा जताया कि इससे और भी युवा इस खेल को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री ने लिखा, “वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि। अनाहत सिंह पर गर्व है कि उन्होंने गोल्ड मेडल जीता और वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी बनीं। यह उपलब्धि युवाओं के बीच स्क्वैश को और लोकप्रिय बनाएगी।”

खिताबी जीत के बाद अनाहत ने कहा, “मुझे अभी भी ऐसा लग रहा है जैसे मैं सपना देख रही हूं। पिछले चार वर्षों से मैं सेमीफाइनल और कार्टर फाइनल में हारती रही हूं। जब भी किसी ने पूछा, तो मैंने हमेशा यही कहा कि ‘यह टूर्नामेंट मेरे लिए किसी श्राप जैसा है और मैं इस इवेंट में कभी अच्छा नहीं खेल पाई।

यह मेरा (जूनियर के तौर पर) आखिरी साल है और यह इसे जीतने का मेरा एकमात्र मौका था। यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है। इसी वजह से मुझे पता था कि अगर मैं तनाव में रही तो बहुत खराब खेलूंगी, इसलिए मैं बस कोर्ट पर उतरी और अपने शॉट्स सही तरीके से खेले। मैं वर्ल्ड चैंपियनशिप फाइनल में खेलने के हर पल का आनंद लेना चाहती थी।”

18 वर्षीय अनाहत ने कनाडा के ओंटारियो के नियाग्रा-ऑन-द-लेक में आयोजित प्रतियोगिता के विमेंस सिंगल्स फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए मिस्र की दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी रुकैया सलेम को 11-3, 11-7, 11-9 से हराकर खिताब अपने नाम किया।

अनाहत टूर्नामेंट में शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी के तौर पर उतरी थीं और बिना कोई मैच हारे खिताब जीतकर अपनी रैंकिंग को सही साबित किया। इस जीत के साथ, वह 2010 में अमेरिकी खिलाड़ी अमांडा सोभी के खिताब जीतने के बाद से महिला वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय और पहली गैर-मिस्र खिलाड़ी बन गईं। उन्होंने इस इवेंट पर मिस्र के 15 साल के दबदबे को भी खत्म कर दिया।

यह जीत अनाहत के तेज़ी से आगे बढ़ते करियर में एक और अहम पड़ाव है। भारत की सबसे होनहार स्क्वैश खिलाड़ियों में से एक, अनाहत ने 15 साल की उम्र में 2022 एशियाई खेलों में दो ब्रॉन्ज मेडल जीते थे और कॉमनवेल्थ गेम्स में भी देश का प्रतिनिधित्व किया है।

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