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Sunday, March 8, 2026
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प्रयागराज महाकुंभ 2025: विज्ञान, अध्यात्म और आस्था का संगम बना महाकुंभ!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'वसुधैव कुटुंबकम' के नारे को मज़बूती से दुनिया को पहुँचाने की पहले के रूप में दिखाई देता है|

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इस साल भारत एक अद्भुत अनुभव से गुज़र रहा है| साल का प्रारम्भ हुआ अद्वितीय महाकुंभ के साथ जो 45 दिनों का ऐसा आयोजन जिसने देश और दुनिया को मोहित कर दिया है| मकर संक्राति के शुभ मुर्हुत से प्रारम्भ होने वाला महाकुंभ सनातन, सत्य और विज्ञान का एक अमूल्य संगम है|

तीर्थ राजधानी प्रयागराज में 13 जनवरी से लेकर 26 फरवरी महाशिवरात्रि तक चलने वाली यह खगोलीय घटना 12 साल में आने वाला गुरु के गोचर को लेकर मनाया जा रहा एक भव्य उत्सव साबित हो रहा है| ऐसे में मोक्ष की कामना लिए श्रद्धालुओं का सैलाब प्रयागराज में उमड़ा, जिसकी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी प्रशासन की तैयारियों में साफ़ झलक रही है|

महाकुंभ में श्रद्धालुओं के आने को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों ने मिलकर इस भव्य आयोजन की तैयारियां नवंबर से शुरू कर दी थी, जिसके परिणाम दिसंबर तक सुचारू रूप से दिखने लगे थे| इस बार टेक्नोलॉजी, सुरक्षा, अंतर्राष्ट्रीय परियोजना, विज्ञान और आस्था का ऐसा समन्वय हुआ की लोग दंग रह गए हैं|

प्रयागराज में सभी पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर जहां उत्तर प्रदेश का पुलिस प्रशासन ने साइबर सिक्योरिटी की व्यवस्थाएं, सैटलाइट व ड्रोन परीक्षण का ज़ोर दिखा। करीब 131 करोड़ के निवेश से एडवांस्ड सिक्योरिटी की व्यवस्थाएं ड्रोन कैमरे, सीसीटीवी कैमरे, 50,000 से अधिक पुलिस कर्मी और सुरक्षा कर्मी वह तैनात किये गए हैं| फेशियल रिकग्निशन से लोगों के बिछड़ जाने और उन्हें परिवारजनों तक सही सलामत पहुंचाने में सहयोगी साबित होगा|

प्रयागराज महाकुंभ में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहली बार अंडरवाटर ड्रोन भी में मेले की निगरानी में लगाए गए हैं| संगम के जल की सफाई को लेकर 3 अस्थायी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की वजह से साफ़ पानी में स्नान करने, कुंभ गांव में रहने और आने जाने की व्यवस्था अच्छे से की गयी है, जिसमें अस्थायी रूप में हज़ारों की संख्या में बने टेंट और रहने के लिए सुविधाओं का निर्माण किया गया है|

भारत की सनातन संस्कृति की धरोहर का एक प्रमुख हिस्सा है महाकुंभ का उत्सव जिसमे सभी 13 अखाड़ों के लिए सुचारु व्यवस्था के साथ साथ भक्तों और पर्यटकों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा गया है| सेटेलाइट की मदद से सर्वेलांस और नेविगेशन, और पर्यटकों के स्नान की व्यवस्था हेतु अलग-अलग घाट के निर्माण किये गए हैं, जहां महिलाओं के लिए कोका कोला जैसी कंपनियों के सहयोग से धारणीय रूप से बने चेंजिंग रूम की भी व्यवस्था की गयी है|

सनातन संस्कृति के इस भव्य उत्सव का हिस्सा सिर्फ भारतीय ही नहीं बल्कि प्रवासी भारतीय समुदाय, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय हस्तियां भी बनीं। बॉलीवुड के सितारे महकुंभ में डुबकी लगाते नज़र आये जैसे अविनाश तिवारी, हर्षवर्धन राणे, अमिताभ बच्चन, रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और अनुपम खेर आदि कई सितारे संगम में खूब सुर्खियां बटोरे | इसके साथ ही संगीतकार शंकर महादेवन, सोनू निगम शान और श्रेया घोषाल जैसे कई मशहूर लोग भी कुंभ में अपनी प्रस्तुति से सभी को लुभाते नज़र आये|

कई राजनीतिक हस्तियां भी कुंभ में नज़र आयी जिसमे सबसे अलग दिखे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने मंत्रीमंडल के साथ स्नान करते व बालकों की भांति मस्ती करते नजर आये| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बजट पेश होने के बाद संगम का आशीर्वाद लेने पहुंचे हैं| इसके अलावा अंतर्राष्ट्रीय अतिथियों की भी खूब भीड़ देखने को मिली है| कई नामी कलाकार और नेता संगम में आस्था की डुबकी लगाए| इसके साथ ही जी 20 देशों के प्रतिनिधि भी महाकुंभ में आकर भव्यता और दिव्यता की अनुभूति किये| हाल में मशहूर बैंड के लीडर क्रिस मार्टिन और डकोटा जॉनसन भी संगम में स्नान करते दिखे|

भारत की सनातन संस्कृति के प्रारूप में दुनिया भर के अथितियों का इस प्रकार बढ़-चढ़कर उत्साह से सम्मिलित होना विश्व कुटुंब की भावना को प्रोत्साहित करता है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के नारे को मज़बूती से दुनिया को पहुँचाने की पहले के रूप में दिखाई देता है|

महाकुम्भ से अर्जित होने वाली आय का अभी तक सिर्फ अनुमान ही लगाया जा रहा है, लेकिन प्रबंध के समय से ही यह माना जा रहा था कि करीब 40 करोड़ श्रद्धालु महाकुंभ में सम्मिलित होंगे, जिनके स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए ‘भीष्म क्यूब’ का निर्माण किया गया है, जहां एक बार में लगभग 200 लोगों का इलाज किया जा सकता है| साथ ही आने वाले श्रद्धालुओं के लिए नेत्र कुंभ का भी निर्माण किया गया है जिससे करीब 1.5 लाख लोगों की नेत्र चिकित्सा संभव हो पायेगी|

बच्चों और बुज़ुर्गों के लिए ख़ास इंतज़ाम किये गए हैं ताकि उनके कुंभ दर्शन और किसी भी समस्या का त्वरित निवारण किया जा सके| पूरे कुंभ मेले में धारणीय तरीके से व्यवस्था पर ज़ोर दिया गया है, जो की अपने आप में एक उपलब्धी है और पूरे इलाके को इंटरनेट के माध्यम से जोड़ा गया है ताकि लोग एक दूसरे से बिछड़ न पाए| सेवा और सुरक्षा कर्मचारियों के लिए भी एक बहुत बड़ी सहायता के रूप में साबित हो रहा है|

सबको आशा है कि इस बार महाकुंभ की आय देश की अर्थव्यवस्था को भी खूब मज़बूत करेगी| इस बार एक अनोखा पब्लिक – प्राइवेट पार्टनरशिप का रूप भी देखने को मिल रहा है, जहां इस्कॉन और अडानी ग्रुप मिलकर कुंभ के दिनों में भोजन और प्रसाद की व्यवस्था को संभाले हुए हैं| ऐसे कई उद्योगपति और प्राइवेट ग्रुप सनातन के महापर्व में अपने योगदान करने के लिए आगे बढ़कर आये हैं| पूरे देश को एकजुट करने का यह त्यौहार सभी को मनोभावित कर रहा है|

जहां आस्था का समन्वय एक तरफ प्रयागराज में अपना परचम लहरा रहा है वही भारत के विज्ञान स्तंभ इसरो ने अंतरिक्ष यान एनवीएस 02 पिछले दिनों लांच किया, जो इसरो का 100वां प्रोजेक्ट है विश्व के सबसे बड़े मेले में इसरो और सरकार के प्रयास से डिजिटल महाकुंभ अंडरवाटर बैरिकेडिंग, सर्वेलांस, नेविगेशन स्वास्थ्य, सुरक्षा और सेवा जैसी कई उपलब्धियां इस बार की विशेषताएं हैं| देश में आस्था और विज्ञान की बढ़ती सफलता हमारी संस्कृति और तकनीकी विकास के अमूल्य प्रतीक है जो यह दर्शाता है कि भारत अपनी सांस्कृतिक धरोहर को कायम रखते हुए आगे बढ़ सकता है और सफल हो सकता है|

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