इमरान खान को छिप-छिपाकर जेल से अस्पताल ले जाने की तैयारी !

इमरान खान को छिप-छिपाकर जेल से अस्पताल ले जाने की तैयारी !

Preparations underway to secretly take Imran Khan from jail to hospital

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को पाकिस्तानी आर्मी  गुप्त रूप से जेल से अस्पताल ले जाने की तैयारी में लगी है। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (PTI) ने दावा किया है कि यह कदम उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है और इससे उनकी जान को खतरा हो सकता है।

PTI ने आरोप लगाया कि 73 वर्षीय इमरान खान को अस्पताल शिफ्ट किए जाने की कथित योजना की जानकारी उनके परिवार को भी नहीं दी गई। पार्टी ने मांग की कि किसी भी तरह की चिकित्सीय जांच या उपचार उनके निजी डॉक्टरों और कम से कम एक पारिवारिक सदस्य की उपस्थिति में ही कराया जाए।

पार्टी के बयान में कहा गया, “पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने उन रिपोर्ट्सपर गहरी चिंता जताई है, जिनमें कहा गया है कि हमारे लीडर इमरान खान को उनके परिवार को भरोसे में लिए बिना इलाज के लिए चुपके से हॉस्पिटल में भर्ती कराने का प्लान है। ऐसा काम बुनियादी मानवाधिकारों और मौजूदा कानूनी ज़रूरतों, दोनों का खुला उल्लंघन है।”

PTI ने आगे कहा, “हम पूर्व प्रधानमंत्री की सेहत के बारे में किसी भी तरह की सीक्रेसी को पूरी तरह से खारिज करते हैं। एक बार फिर फैक्ट्स छिपाना पहले के पैटर्न की याद दिलाता है। इमरान खान की सेहत और जान को जानबूझकर खतरे में डालने जैसा है।”

रिपोर्टों के अनुसार, इमरान खान कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिनमें दाहिनी आंख की दृष्टि में लगभग 85 प्रतिशत तक कमी शामिल है। पार्टी ने उपचार में देरी को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अमानवीय करार देते हुए कहा कि “हमारे नेता की सेहत और भलाई के बारे में कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा।”

इस बीच, शुक्रवार (13 फरवरी)को पाकिस्तान के विपक्षी गठबंधन ने इस मुद्दे पर संसद भवन के निकट धरना दिया। वहीं तहरीक तहफ़्फ़ुज़ ए आइन (टीटीएपी) ने संसद भवन के बाहर प्रदर्शन शुरू किया और कहा कि जब तक इमरान खान को अल-शिफा अस्पताल में भर्ती नहीं कराया जाता, तब तक विरोध जारी रहेगा।

गुरुवार को पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय ने कथित दृष्टि हानि की खबरों के बाद इमरान खान की आंखों की जांच के लिए एक मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया। इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्हें लाहौर स्थित आवास से भ्रष्टाचार मामले में दोषसिद्धि के बाद गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल वे रावलपिंडी की उच्च सुरक्षा वाली अडियाला जेल में बंद हैं।

मामले को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है। जहां पीटीआई इसे मानवाधिकार और कानूनी प्रक्रिया का मुद्दा बता रही है, वहीं प्रशासन की ओर से अब तक विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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